पिथौरागढ़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी ने युवक की हत्या के मामले में दंपती को दोषी ठहराते हुए पति को आजीवन कारावास और पत्नी को तीन वर्ष छह माह के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार वर्ष 2014 में प्रेम प्रसंग के चलते पिथौरागढ़ के रई में सुनील वर्मा नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में मनोज चंद और उसकी पत्नी पार्वती चंद को गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ के बाद मृतक का शव नैनीपातल में कूड़े के ढेर से और हत्या में प्रयुक्त दोनाली बंदूक भी बरामद की थी। मामले में पति-पत्नी के खिलाफ पिथौरागढ़ थाने में हत्या व साक्ष्य छुपाने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था।
जिला एवं सत्र न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। मामले में कुल 11 गवाह पेश किए गए। बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी ने दोनों पक्षों को सुनने और तमाम गवाहों एवं साक्ष्यों के आधार पर हत्या के आरोपी मनोज चंद को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। धारा 201 के तहत तीन वर्ष छह माह और दस हजार रुपये अर्थदंड, धारा 120बी में तीन वर्ष छह माह का कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड और आयुध अधिनियम में धारा 30 के तहत तीन माह की सजा सुनाई। मनोज चंद की पत्नी पार्वती चंद को धारा 201 के तहत तीन वर्ष छह माह के कारावास, दस हजार रुपये अर्थदंड और 120बी के तहत तीन वर्ष छह माह कारावास व दस हजार अर्थदंड की सजा सुनाई गई। पार्वती चंद को धारा 302 और 404 के आरोप से संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। सरकार की ओर से मामले की पैरवी डीजीसी प्रमोद पंत ने की।