महिला अस्पताल में जांच के लिए पहुंची महिलाएं
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महिला अस्पताल में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होने का खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। यहां मरीजों का दबाव अधिक बढ़ने एवं अल्ट्रासाउंड के लिए नंबर नहीं आने पर गर्भवती महिलाओं के आंखों तक छलक जा रहे हैं। ऐसा जाजरदेवल निवासी एक महिला के साथ हुआ। काफी अनुरोध करने पर इस महिला की पर्ची अल्ट्रासाउंड के लिए लग पाई।
महिला अस्पताल में प्रत्येक बुधवार को लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेडियोलॉजिस्ट आकर महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करते हैं। पिछले बुधवार को जरूरी कार्य के चलते रेडियोलॉजिस्ट अस्पताल नहीं आ पाए थे। इस कारण मरीजों को इस बुधवार बुलाया गया। इसके चलते सुबह अस्पताल खुलने से पहले से महिलाओं की लंबी कतार लग गई। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए 150 पर्चियां जमा होने के बाद अन्य मरीजों को अगली बार आने को कहा गया।
ठीक 11 बजे जाजरदेवल से एक महिला आई और अपनी पर्ची जमा कराने का अनुरोध करने लगी। हालांकि अन्य महिलाएं भी पर्ची जमा होने का इंतजार करती रहीं। काउंसलर हेमा बिष्ट ने उनसे विलंब होने की बात कही। इस पर महिला के आंखों से आंसू छलक पड़े। उसने बताया कि उसके पेट में काफी तकलीफ हो रही है। इस पर उसकी पर्ची अल्ट्रासाउंड के लिए लगा दी गई।
इससे पहले महिला निजी क्लीनिकों के चक्कर भी लगा चुकी थी। काउंसलर हेमा ने बताया कि अल्ट्रासाउंड के लिए बेड़ीनाग, थल, मुवानी, मुनस्यारी के साथ ही चंपावत जिले से भी दो मरीज पहुंचे हैं। बहरहाल बाद में लोहाघाट से रेडियोलॉजिस्ट के आने पर अल्ट्रासाउंड हो पाया। पहले बाहर से आई पीड़ित महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया गया। नगर क्षेत्र में रहने वाले मरीजों को दो बजे के बाद अल्ट्रासाउंड कराने का समय दिया गया। यदि हफ्ते में दो दिन अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था हो तो महिलाओं को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए स्वास्थ्य महकमे को कई बार लिखा गया है। अस्पताल में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
-डॉ. निर्मला पुनेठा, सीएमएस