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नोटबंदी के दो हफ्ते बाद थोड़ा सुधरा बाजार

Wed, 23 Nov 2016 10:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ बाजार में अब बढ़ने लगी लोगों की आवाजाही - फोटो : अमर उजाला
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आठ नवंबर की रात नोटबंदी के बाद से पस्त चल रहे बाजार में अभी खरीदारी ने गति तो नहीं पकड़ी है लेकिन किराना, परचून और सब्जी की दुकानों में थोड़ा हालत सुधरने लगे हैं। अभी लोगों को बैंकों से न तो पर्याप्त भुगतान हो पा रहा है और न एटीएम से ज्यादा रकम निकल पा रही है। लोगों के पास काम चलाने भर के लिए पैसा हो गया है इससे प्राथमिक जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। अभी बड़े सामान की बिक्री शुरू होने में समय लगेगा।
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बुधवार को बाजार में लोगों की आवाजाही ठीक रही। लोगों ने अपनी जरूरत के सामान की खरीदारी की। बड़े व्यापारियों का कहना है कि जब तक लोगों की जेब में पैसा नहीं आएगा, बाजार को बेहतरी के लिए इंतजार करना पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों से लोग अब बाजार का रुख करने लगे हैं। इनमें से ज्यादातर बैंकों के चक्कर काटने और उधारी का सामान पाने के लिए आ रहे हैं। व्यापारियों ने भी लोगों की परिस्थिति को देखते हुए मदद को हाथ बढ़ाए हैं। फिलहाल तो यही लग रहा है कि 30 दिसंबर तक बाजार की हालत ऐसी ही रहेगी। नए साल में यदि बैंकों से निकासी की छूट मिलने लगे तो थोड़ा बहुत सुधार आ सकता है। ग्रामीण अंचलों में भी बाजार अब तक तेजी में नहीं आ पाए हैं। 

उधार में कर रहे मरीजों का इलाज
नगर में फिजियोथैरेपिस्ट डा. नमन शर्मा का कहना है कि मरीज तो आ रहे हैं, लेकिन उनका इलाज उधार में करना पड़ रहा है। जिन लोगों को तत्काल इलाज की जरूरत है, उनको पैसे बाद में देने के लिए कहा जा रहा है। वह कहते हैं कि नोटबंदी के बाद मरीज तो कम नहीं हुए, लेकिन भुगतान की समस्या बढ़ गई है।
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बैंकों से कम भुगतान से बढ़ी समस्या
व्यापारी राजेंद्र कुमार का कहना है कि बैंकों से कम भुगतान होने के कारण समस्या बढ़ रही है। लोगों के पास दो हजार का नया नोट तो आ गया है, लेकिन उसे बाजार में चलाने में इसलिए समस्या आ रही है, क्योंकि छोटे नोटों की कमी हो गई है। बैंकों और एटीएम से कम भुगतान होने के कारण लोग मितव्ययता से काम चला रहे हैं।
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