नगर के अधिकांश एटीएम से पैसा मिलने लगा है। इसका असर यह हुआ कि बुधवार को बैंकों में भीड़ कम रही। एसबीआई की मुख्य शाखा में बुधवार को अन्य दिनों की अपेक्षा लाइन में लगे लोगों की संख्या कम थी। पुराने नोटों को बदलने वालों की संख्या भी कम हो रही है।
एसबीआई मुख्य शाखा के कैश अधिकारी दिनेश चंद ने बताया कि अब कम लोग पुराने नोट बदलवाने के लिए आ रहे हैं। खातेदार छोटे प्रचलित नोटों को जमा करने के लिए भी आ रहे हैं। बैक में अब पहले की अपेक्षा कैश में कमी नहीं है। एक सप्ताह में बैंक में हालात पहले की तरह सामान्य हो जाएंगे। हालांकि अब भी एटीएम से 2000 रुपए ही निकल रहे हैं और बैंकों में चेक या काउंटर भुगतान से मात्र 6000 रुपए ही मिल पा रहे हैं। नैनीताल बैंक के शाखा प्रबंधक शेखर पंगरिया ने बताया कि कैश की कमी से 6000 रुपए से अधिक का भुगतान संभव नहीं है। बैंक में होने वाले सभी लेन-देन के लिए सभी कागजों को पूरी तरह चेक करने के बाद ही नोट दिए जा रहे हैं।
एसबीआई मुख्य शाखा के सहायक शाखा प्रबंधक दीपक सिंह ने बताया कि बैंक में प्रतिदिन 8 से 10 व्यक्ति प्रतिदिन शादी विवाह के 2.50 लाख रुपए लेने के लिए आ रहे हैं। परंतु शर्तें पूरी न कर पाने के कारण लोग वापस जा रहे हैं। क्योंकि नियम के तहत एडवांस पेमेंट की रसीद लेकर पार्टियां अपने खातों में पेमेंट डलवाने को तैयार नहीं हैं। बैंक फिर भी लोगों को उनके और उनके रिश्तेदारों को प्राथमिकता के तौर पर 24-24 हजार रुपए ही दे रहा है।
धारचूला बैंक में आज आएगा कैश
धारचूला। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित धारचूला के स्टेट बैंक को बृहस्पतिवार तक मुख्य शाखा से 21 करोड़ मिल जाएंगे। एसबीआई धारचूला के शाखा प्रबंधक बीएस सीपाल ने बताया धारचूला शाखा में सेना, पैरामिलिट्री सहित स्थानीय लोगों के लगभग बीस हजार खाते हैं, जिनको बैंक यथासंभव सेवाएं दे रही है। नोटबंदी के कारण बैंक में प्रतिदिन लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है। लोगों की समस्या को देखते हुए बैंक ने वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग लाइन की व्यवस्था कर रखी है। साथ ही दो होमगार्ड भी तैनात किए हैं। उन्होंने बताया कि 500 और 1000 के 46 करोड़ की धनराशि जमा हो चुकी हैं तथा बैंक द्वारा ग्राहकों को 6 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने शाखा प्रबंधक के प्रयास की सराहना की है।
सहकारी बैंक के खातेदार परेशान
धारचूला। जिला सहकारी बैंक में लेन-देन बंद होने का खामियाजा 10 हजार खाताधारक भुगत रहे हैं। धारचूला स्थित जिला सहकारी बैंक में लगभग दस हजार ग्राहक हैं, इनमें पेंशनर्स, प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों के अध्यापक, स्थानीय कृषक, ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग तथा विकास खंड के कर्मचारियों के खाते हैं। बैंक के शाखा प्रबंधक सुनील कन्याल ने बताया कि बैंक में 12 नवंबर से कैश नहीं आया है। इस कारण बैंक के कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है। लोग सहकारी बैंक में खाता खोलने को बड़ी भूल मान रहे हैं।
देवलथल बैंक में सिर्फ एक क्लर्क
कनालीछीना। भारतीय स्टेट बैंक की देवलथल शाखा में सिर्फ एक क्लर्क कार्यरत है। उनकी मदद के लिए एक कैशियर तैनात है। कम स्टाफ होने के कारण लोगों का काम समय पर नहीं हो पा रहा है और कर्मचारी भारी दबाव में हैं। दोनों कर्मचारी सुबह आठ से रात दस बजे तक बैंक के काम में व्यस्त रहते हैं।
पांच सौ के नए नोट के लिए अभी इंतजार
पिथौरागढ़। जिले के बैंकों में पांच सौ के नए नोट आने में अभी कम से कम पांच या छह दिन का समय लग सकता है। बैंकों में दो हजार का नोट तो समय पर आ गया था, लेकिन 500 का नोट न आने से लोगों को भारी असुविधा हो रही है। स्टेट बैंक के डिप्टी मैनेजर मुन्नागिरी गोस्वामी ने बताया कि पांच सौ का नया नोट आने में अभी समय लगेगा। उन्होंने कहा कि बैंक के पास दो हजार के अलावा 100, 50, 20 और 10 के नोट उपलब्ध हैं। इनका ही लोगों को भुगतान किया जा रहा है। इधर, व्यापारी भी इसी उम्मीद में हैं कि यदि पांच सौ का नोट आ जाता तो बाजार की हालत सुधर जाती। सरकार ने 1000 और 500 के नोट का प्रचलन बंद कर दिया है। छोटे नोटों की कमी दूर करने के अब तक कदम नहीं उठाए गए हैं। सीमांत जिले में अधिकांश लोगों को दस का सिक्का दिया जा रहा है इसे चलाने में कठिनाई हो रही है।