पिथौरागढ़। आखिरकार पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में पहले बैच में प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थियों का रुझान बढ़ रहा है। तीसरे दिन राजस्थान की दो बेटियां डॉक्टर बनने मेडिकल कॉलेज पहुंची हैं। एक दिन पूर्व हरियाणा की बेटी ने कॉलेज में पहला प्रवेश लिया था। अब मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने विद्यार्थियों की संख्या तीन हो गई है इसमें सभी बेटियां शामिल हैं।
पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का इस साल संचालन होना है और एनएमसी ने 50 सीटों की अनुमति दी है। इसमें केंद्र कोटे की सात तो स्टेट कोटे की 43 सीट शामिल हैं। बीते मंगलवार से केंद्र कोटे की सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई। पहले दिन किसी भी विद्यार्थी के प्रवेश लेने के लिए नहीं पहुंचने से कॉलेज प्रबंधन की चिंता बढ़ गई। दूसरे दिन ही यह चिंता खुशी में बदली और हरियाणा से पहुंची बेटी ने डॉक्टर बनने के लिए पहला प्रवेश लिया। तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी प्रवेश प्रक्रिया जारी रही और राजस्थान की दो बेटियां प्रवेश लेने पहुंची। मिलन ने सभी औपचारिकता पूर्ण कर कॉलेज में दूसरा प्रवेश लिया। राजस्थान की बेटी दिव्यांशी भी प्रवेश लेने पहुंची लेकिन कुछ औपचारिकता पूर्ण न होने पर उन्हें प्रवेश नहीं मिला। शुक्रवार को औपचारिकता पूर्ण कर वह प्रवेश लेकर डॉक्टर बनने की राह पर चलेंगी। प्रवेश के लिए विद्यार्थियों के आने से कॉलेज प्रबंधन में खुशी है।
प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने से पहले ही कॉलेज को मिलेंगी पांच नई फैकल्टी
पिथौरागढ़। मेडिकल कॉलेज में 85 फैकल्टी की जरूरत है। अब तक कॉलेज को 18 फैकल्टी मिली हैं। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक, शासन स्तर पर पांच नई फैकल्टी की नियुक्ति हुई है जो जल्द कॉलेज में तैनाती लेंगे। ऐसे में साफ है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने से पहले की मेडिकल कॉलेज को नई फैकल्टी मिलेगी और विद्यार्थियों के कुशल डॉक्टर बनने की राह आसान होगी। संवाद
-
कोट -
मेडिकल कॉलेज में तीन छात्राएं प्रवेश लेने पहुंची हैं। अगले कुछ दिनों में प्रवेश बढ़ेंगे। राज्य कोटे की सीटों पर जल्द प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। फैकल्टी की भी तैनाती हो रही है जो सुखद है। - डॉ. एके सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़