पिथौरागढ़। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तान्या मिड्ढा की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में दोषी को दो महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने दोषी को एक लाख पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा।
मामले के अनुसार जनवरी 2024 में तड़ीगांव निवासी शंकर सिंह ने आपसी परिचय होने के कारण निजी जरूरत के लिए पांगला (धारचूला) निवासी पूरन सिंह बिष्ट को एक लाख रुपये उधार दिए थे। निर्धारित समय पर धनराशि नहीं मिलने पर पूरन सिंह को भुगतान करने को कहा। इस पर उसने 27 मार्च 2024 की तारीख दर्ज कर एसबीआई शाखा सिल्थाम खाते का चेक दिया। चेक को बैंक में लगाने पर अपर्याप्त धनराशि की टिप्पणी लिखकर चेक वापस कर दिया गया। 25 अप्रैल 2024 को अधिवक्ता के माध्यम से उसे नोटिस भेजा गया। इसके बाद भी उसने धनराशि वापस नहीं की।
इसके बाद उसे मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर न्यायालय में तलब किया गया। तब से वाद न्यायालय में चल रहा था और मंगलवार को मामले में फैसला आया। न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) तान्या मिड्ढा की अदालत ने आरोपी पूरन सिंह बिष्ट को दोष सिद्ध करार देते हुए परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के अपराध में दो माह साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने दोषी को एक लाख पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
कोर्ट ने कहा है कि जुर्माने की धनराशि में से एक लाख 20 हजार रुपये शंकर सिंह लुंठी को प्रतिकर के रूप में देने होंगे। शेष पांच हजार रुपये राजकोष में जमा किए जाएंगे। पांच हजार रुपये अदा न करने पर दोषी को 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। दोषी को यह धनराशि निर्णय के दिन से एक महीने के भीतर चुकानी होगी। संवाद