बनकोट के भट्टीगांव में बृहस्पतिवार देर रात तेंदुए के दो शावक बकरियों के गोठ में घुस गए। शावकों की उम्र काफी कम होने के कारण वह बकरियों को कोई हानि नहीं पहुंचा पाए। शुक्रवार सुबह भट्टीगांव निवासी दीवान सिंह बकरियों के गोठ में पहुंचे तो वहां उन्हें तेंदुए के दो शावक दिखाई दिए। उन्होंने मादा तेंदुआ भी साथ में होने की आशंका जताते हुए शावकों को गोठ में ही बंद कर दिया। शावकों के गोठ में घुसने की सूचना अन्य ग्रामीणों को दी गई। ग्राम प्रधान राजेंद्र प्रसाद ने वन विभाग को गांव में तेंदुए के शावकों के घुसने की सूचना दी।
वन दरोगा गणेश कुमार और नवीन जोशी ने गांव पहुंचकर गोठ की तलाशी ली। गोठ में सिर्फ दो शावक ही मिले। उन्होंने बताया कि शावकों की उम्र 15 दिन से अधिक नहीं है। गांव के आसपास ही मादा तेंदुआ होने का अंदेशा व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने शावकों को गांव के पास वाले जंगल में छोड़ने का आग्रह वन विभाग से किया। इस पर विभाग के कर्मचारियों ने दोनों शावकों को बोरे में डालकर गांव के जंगल में छोड़ दिया।