धारचूला विधानसभा क्षेत्र में 20 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां जाने के लिए पोलिंग पार्टी को रोड हेड से तीन किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ेगा, जबकि 70 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां की दूरी एक किलोमीटर है। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार पहाड़ पर रोड हेड वाले मतदान केंद्रों की संख्या कम रहती है। ज्यादातर मतदान केंद्र स्कूलों में बनाए जाते हैं और स्कूल सड़क से कुछ दूरी पर ही होते हैं।
धारचूला विधानसभा क्षेत्र में जिन मतदान केंद्रों की दूरी पैदल तीन किलोमीटर तक है, उनमें गोगई, गो घाटीबगड़, बलुवाकोट, बसौरा, धारचूला (पूर्वी भाग), धारचूला (पश्चिमी भाग), जीआईसी धारचूला, गिन्नी, लोधियाबगड़, बोरागांव, भैंसकोट, घरूड़ी, हिमखोला, खिम, बौंगलिंग, स्यांकुरी, वल्थी, खोतिला, खोयम, हरकोट शामिल हैं। जिन मतदान केंद्रों की दूरी एक किलोमीटर के करीब है, उनमें बरम, लुमती, छोरीबगड़, चामी, तोली, बलमरा, जौलजीबी, किमखोला, ढुंगातोली, बलुवाकोट, कालिका, फुलतड़ी, नागलिंग, मार्छा, प्राथमिक स्कूल धारचूला, नपलच्यू, गुंजी, जीजीआईसी धारचूला, गर्ब्यांग, नाबी, नापड़, बांसबगड़, हुपली, बिर्थी, गिरगांव आदि शामिल हैं।
निर्वाचन कार्यालय ने धारचूला विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग बूथों को ही सबसे ज्यादा दुर्गम की श्रेणी में रखा है। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में ज्यादा विकट स्थिति नहीं है। धारचूला विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्रों की ईवीएम धारचूला से ही जारी की जाएंगी। इस समय निर्वाचन कार्यालय में पोलिंग स्टेशनों की दूरी, उनमें उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी एकत्र की जा रही है।
निर्वाचन कार्यालय में भारी व्यस्तता
जिला निर्वाचन कार्यालय में भारी व्यस्तता का आलम है। चारों विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव की सारी व्यवस्था का संचालन इसी केंद्र से होगा। अलबत्ता स्थानीय स्तर की व्यवस्थाएं पिथौरागढ़, डीडीहाट, धारचूला और गंगोलीहाट के रिटर्निंग अफसर देखेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी डा. रंजीत सिन्हा लगातार निर्वाचन व्यवस्थाओं का अपडेट ले रहे हैं और अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश जारी कर रहे हैं।