आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी में कैलाश यात्रियों का 12वां दल
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कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे 12वें दल में शामिल गुजरात के दो यात्री बृहस्पतिवार को अल्मोड़ा से धारचूला जाते समय सेराघाट से वापस लौट गए। गुजरात निवासी प्रशांत कुमार और राजकुमार ने घरेलू समस्या के चलते यात्रा स्थगित कर दी है। अब दल में 56 सदस्य रह गए हैं। इनका बृहस्पतिवार को डीडीहाट पर्यटक आवासगृह और आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी में भव्य स्वागत हुआ।
12वें दल के जनसंपर्क अधिकारी गोविंद कुमार गर्ग ने बताया कि दल में शामिल दो सदस्यों को घरेलू समस्या के कारण यात्रा रोकनी पड़ी है। यह दोनों सेराघाट से दिल्ली को लौट गए हैं। वहीं, डीडीहाट पर्यटक आवासगृह पहुंचने पर प्रबंधक आनंद आर्या के नेतृत्व में यात्रियों का स्वागत किया गया। दोपहर के भोजन में यात्रियों को भट की दाल, रायता, भांग की चटनी परोसी गई। अल्प विश्राम के बाद दल आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी पहुंचा। मिर्थी में छलिया नृत्य को देखकर यात्री खुश हो गए। कई यात्रियों ने छलिया दल के साथ नृत्य भी किया। आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप के नेतृत्व में दल का स्वागत किया गया। सेनानी ने यात्रियों को हिमालयी क्षेत्र के पैदल रास्तों की जानकारी दी। यह दल आधार शिविर धारचूला पहुंच गया है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार यात्रियों का आठवां दल वापसी में बूंदी पहुंच गया है। 9वां दल तिब्बत के कुगूं में, दसवां दल तकलाकोट में और 11वां गुंजी पहुंच गया है। 12वें दल के यात्रियों के स्वागत के समय आईटीबीपी के सहायक सेनानी कुलदीप सिंह, हरवंश लाल, डा. गिरीश, डा. दीपोक गोगई, विक्रांत बिष्ट मौजूद थे।