फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिथौरागढ़ के मड़ गांव में 180 लाख की लागत से बनेगा ट्यूलिप लैंडस्केप

विज्ञापन
ट्यूलिप लैंडस्केप के संबंध में आयोजित बैठक में उपस्थित विधायक चंद्रा पंत और डीएफओ डा.विनय भार्ग? - फोटो : PITHORAGARH
विज्ञापन
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के मड़ गांव में 180 लाख रुपये की लागत से ट्यूलिप लैंडस्केप बनेगा। प्रारंभिक फेज में एक हेक्टेयर क्षेत्र में ट्यूलिप लैंडस्केप विकसित किया जाएगा। कुल तीन फेजों में इसका 30 हेक्टेयर तक विस्तार किया जाएगा। इससे जहां एक ओर स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे दूसरी ओर सरकार की राजस्व में भी बढ़ोत्तरी होगी।
विज्ञापन

अपने भ्रमण के दौरान पिथौरागढ़ आए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ट्यूलिप लैंडस्केप और अन्य महत्वपूर्ण पारिस्थितिकीय पर्यटन क्षेत्र विकसित किए जाने की घोषणा की थी। वन विभाग ने इसके क्रियान्वयन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। शनिवार को जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में डीएफओ डा.विनय भार्गव ने योजना के बारे में जानकारी दी। इस दौरान विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के सुझाव भी लिए गए।
डीएफओ ने बताया कि प्रारंभिक फेज में एक हेक्टेयर क्षेत्र में ट्यूलिप गार्डन विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से पिथौरागढ़ को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिलेगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में कुल तीन फेजों में इस ट्यूलिप लैंडस्केप का 30 हेक्टेयर तक विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट पिथौरागढ़ जिले के लिए एक अभिनव प्रयास होने के साथ ही उत्तराखंड राज्य एवं देश की पहली पहल है। इस प्रोजेक्ट की सफलता के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग भी जरूरी होगा। डीएफओ ने बताया कि इसके लिए 180 लाख रुपये लागत की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
विज्ञापन

बैठक में मौजूद विधायक चंद्रा पंत ने इस ट्यूलिप भू परिदृश्य में ट्यूलिप के साथ-साथ सहसिक खेल गतिविधियों के साथ ही अन्य वनस्पतियों को विकसित करने का सुझाव दिया गया। उन्होंने कहा कि इससे साल भर पर्यटकों की आवाजाही बनी रहेगी। पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत, सहकारी बैंक के सचिव मनोज सामंत और भाजपा नेता भूपेश पंत ने भी सुझाव दिए। जिला पर्यटन अधिकारी अमित लोहनी ने पर्यटन की दृष्टि से इस ट्यूलिप लैंडस्केप को महत्वपूर्ण बताया।
ट्यूलिप गार्डन में अन्य प्रजातियां भी होंगी विकसित
पिथौरागढ़। सुंदर परिदृश्य का विकास, कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन एवं स्वरोजगार का विकास करने के अलावा ट्यूलिप प्रजाति के साथ स्थानीय सजावटी प्रजातियों जंगली गुलाब, आयरिस, फॉक्सग्लव, मेहल, पैय्या, और घेरबाड़ प्रजाति के घिंघारु, तिमूर, किलमोड़ा और अन्य प्रजातियों को भी विकसित किया जाएगा। जैव विविधता संरक्षण एवं विकास के लिए स्थानीय फलदार, शोभाकार, बोनसाई, जड़ी बूटी आदि प्रजातियों का रोपण भी किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर होगा बल्ब का उत्पादन
पिथौरागढ़। मड़गांव में प्रस्तावित ट्यूलिप परिदृश्य में ट्यूलिप के बल्बों का उत्पादन भी किया जाएगा। वर्तमान में चंडाक, मुनस्यारी के लिए बाहर से बल्ब मंगाने पड़े थे। स्थानीय स्तर पर बल्ब का उत्पादन होने से बाहर से बल्ब मंगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे राजस्व बढ़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें