पिथौरागढ़। पर्यटन विभाग 13 टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तहत अब मोस्टामानू क्षेत्र के बाद मड़खड़ायत क्षेत्र को विकसित करेगा। इसके लिए पर्यटन विभाग ने वन विभाग से मड़खड़ायत गांव में11 हेक्टेयर भूमि ले ली है। बदले में पर्यटन विभाग ने वन विभाग को गंगोलीहाट विकासखंड के अग्रोन और पाली में 22 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध करा दी है।
13 टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तहत प्रथम चरण में मोस्टमानू में 25 हजार ट्यूलिप के बल्ब लगाए थे। अब द्वितीय चरण में मड़खड़ायत की 11 हेक्टेयर भूमि में ट्यूलिप गॉर्डन, चिल्ड्रन पार्क, साइकिल ट्रेक, योग ध्यान केंद्र, साहसिक खेल, ईको हट्स और वहां स्थित प्राकृतिक झील को विकसित करने का कार्य किया जाएगा। 13 टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तहत मोस्टामानू और मड़खड़ायत क्षेत्र को विकसित करने का मुख्य उद्देश्य सीमांत जनपद में पर्यटन गतिविधियां बढ़ाना है। जिला पर्यटन अधिकारी अमित लोहनी का कहना है कि मड़खड़ायत में भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई पूरी हो गई है। बजट मिलते ही मड़खड़ायत गांव में कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।
कोविड-19 के कहर के कारण पर्यटक नहीं देख पाए थे मोस्टामानू ट्यूलिप गार्डन
पिथौरागढ़। कोविड-19 के कहर के कारण इस बार पर्यटक मोस्टामानू स्थित ट्यूलिप गार्डन को नहीं देख पाए थे। ट्यूलिप खिलकर मुरझा गए थे। पर्यटन विभाग, उद्यान विभाग मिलकर फिर मोस्टामानू में ट्यूलिप के बल्बों का रोपण करेगा।
सीमांत जनपद में पर्यटन की हैं अपार संभावना
पिथौरागढ़। सीमांत जिला पिथौरागढ़ में पर्यटन की अपार संभावना है। जिला मुख्यालय से लगे ध्वज मंदिर, थलकेदार मंदिर, कामाख्या मंदिर, असुरचुला मंदिर में बड़ी संख्या में देसी-विदेशी पर्यटक आते हैं। इन क्षेत्रों को विकसित करने के लिए अभी कोई तैयारी नहीं की गई है। ध्वज मंदिर और असुरचूला मंदिर के लिए रोपवे का निर्माण किया जाना है, लेकिन ये ठंडे बस्ते में हैं। पूर्व जिपं अध्यक्ष किशन भंडारी ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शीघ्र रोपवे के निर्माण की मांग की है।