पिथौरागढ़/थल। सीमांत जिले में बारिश ने आफत मचनी शुरू हो गई है। जिले के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। थल क्षेत्र के सत्यालगांव में बारिश के बाद हुए भूस्खलन से दो मकान खतरे की जद में आ गए हैं। मलबा और बोल्डर गिरने से जिले में तीन सड़कें बंद हैं जिन्हें खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बीते बुधवार की रात को जिला मुख्यालय सहित बेड़ीनाग, डीडीहाट, मुनस्यारी, धारचूला, बंगापानी, कनालीछीना, तेजम, देवलथल, थल सहित अन्य हिस्सों में भारी बारिश हुई। इससे जगह-जगह काफी नुकसान हुआ है। थल के सत्यालगांव में बारिश के बाद हुए भूस्खलन से गोविंद सिंह सत्याल और सुनील सिंह सत्याल के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। मकानों के आंगन की सुरक्षा दीवार ढह गई है।
परिवार के सदस्य इन मकानों में खौफ के साए में रहने के लिए मजबूर हैं। भूस्खलन की वजह से पेड़ गिरने के कारण बिजली की लाइन टूट गई। इस कारण पूरे गांव में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। ग्रामीणों को भारी बारिश के बीच मोमबत्ती के सहारे घरों को रोशन करना पड़ रहा है। 18 घंटे बाद बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे यूपीसीएल ने बमुश्किल लाइन ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल की।
यूपीसीएल के अवर अभियंता नवल सिंह निखुर्पा ने बताया कि गहरी खाई होने से बिजली लाइन ठीक करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं जिले के अन्य हिस्सों में बारिश से सड़कों पर जलभराव होने से यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बंद सड़कों को खोलने में छूट रहे पसीने
पिथौरागढ़। बीते दिनों हुई बारिश के बाद मलबा आने से डीडीहाट-हुनेरा और देवीसूना-खेतार कन्याल सड़क बंद हो गईं थी। बीते बुधवार को लोध-मालाकोट सड़क पर भी आवाजाही ठप हो गई। इन सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लगने से क्षेत्र की तीन हजार से अधिक की आबादी परेशान है। सड़कों को खोलने में सिस्टम के पसीने छूट रहे हैं और ग्रामीण मलबा और बोल्डरों के बीच पैदल सफर कर गांवों से बाहर निकलने के लिए मजबूर हैं।
बारिश का आंकड़ा (मिमी में)
पिथौरागढ़ 0.50
बेड़ीनाग 4.20
डीडीहाट 19.80
मुनस्यारी 8.00
धारचूला 13.00
बंगापानी 10.00
कनालीछीना 7.20
तेजम 11.00
देवलथल 4.80
थल 40.00