टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर गुरना मंदिर के पास सोमवार सुबह 8 बजे पोकलैंड मशीन लेकर आ रहा ट्राला मशीन समेत करीब 50 मीटर खाई में गिर गया। दुर्घटना में जीआईसी गुरना के एक छात्र की मौत हो गई, जबकि ट्राले में सवार सात छात्र और चालक दल के चार सदस्यों समेत कुल 11 लोग घायल हो गए। घायलों में दो की हालत गंभीर है। उन्हें हेलीकॉप्टर से सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी ले जाया गया है। बच्चे छमाही परीक्षा देने जा रहे थे।
प्रभारी डीएम आशीष चौहान ने दुर्घटना के कारणों की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए। इस मामले में प्रथम दृष्ट्या एनएच की लापरवाही सामने आने पर एनएच के ईई, एई, जेई के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिख दिया गया है। दुर्घटना का मुख्य कारण रोड के किनारे बिखरी रोड़ी और बजरी बताया गया है।
सोमवार सुबह 8 बजे पोकलैंड ट्राला (एचआर 46 डी 4446) को लेकर घाट से पिथौरागढ़ आ रहा था। तभी गुरना मंदिर से थोड़ा पहले जीआईसी गुरना के आठ बच्चे ट्राले में चढ़ गए। इन बच्चों की छमाही परीक्षा थी। गुरना मंदिर से थोड़ा आगे पहुंचते ही ट्राला मय पोकलैंड खाई में गिर गया। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस, फायर ब्रिगेड के जवानों के अलावा स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे।
खाई से सभी लोगों को रस्सी के सहारे निकाला गया। गंभीर रूप से घायल मटेला गुरना निवासी रोहित सिंह मेहता (16) पुत्र खड़क सिंह मेहता की जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। रोहित 11वीं में पढ़ता था।
गोगना निवासी 11वीं के छात्र भूपेंद्र सिंह मेहता (16), दसवीं के छात्र दीपक मेहता (15), 11वीं के छात्र राकेश मेहता (16), 11वीं के ही धर्मेंद्र मेहता (16) और दीपक ओझा (17), 10वीं के मनीष मेहता (16), 11वीं के सुंदर सिंह (17), ट्राला चालक जींद हरियाणा निवासी विजय कुमार (26), भिवानी हरियाणा निवासी हेल्पर सोनू (24), खागा फतेहपुर यूपी निवासी उमेश यादव (26) और विश्रामपुर झारखंड निवासी सुशील कुमार पाल (24) घायल हो गए। सुंदर सिंह और हेल्पर सुशील कुमार पाल को गंभीर हालत में हेलीकॉप्टर हल्द्वानी ले जाया गया है।
मृतक के परिजनों को मिलेंगे एक लाख
प्रभारी डीएम आशीष चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में मरे छात्र के परिजनों को एक लाख रुपए, गंभीर घायलों को 50-50 हजार रुपए और कम घायलों को 20-20 हजार रुपए देने की घोषणा की है। घायलों को जिला अस्पताल में बेहतर चिकित्सा देने के निर्देश दिए हैं।