पिथौरागढ़। नैनीपातल में बने ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा निस्तारण संयंत्र लगाने के लिए नगर पालिका को राज्य स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति की ओर से पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इस कारण यहां कूड़े के ढेर लग गए हैं। कूड़ा सड़क तक फैल गया है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले वाहनों में बैठे लोगों और आसपास के ग्रामीणों को दिक्कत हो रही है।
नगर पालिका को नैनीपातल में कूड़ा निस्तारण के संयंत्र लगाने के लिए सरकार की ओर सात करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। यहां संयंत्र लगाने में राज्य स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति की पर्यावरण स्वीकृति नहीं मिली है।
ईओ राजदेव जायसी का कहना है कि नगर पालिका मूल्यांकन समिति की ओर से लगाई गई तीन आपत्तियों का निस्तारण कर रहा है। कूड़े के निस्तारण के बाद निकलने वाली काली मिट्टी, रोड़ी, बजरी के निस्तारण के लिए नगर पालिका को भूमि की जरूरत है। वह भूमि की तलाश कर रहे हैं। आपत्तियों का निस्तारण होते ही ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
ट्रंचिंग ग्राउंड से सटे गांवों के लोग परेशान
पिथौरागढ़। ट्रंचिंग ग्राउंड से लगे बीसाबजेड़, नैनीपातल, भूलागांव समेत दस से अधिक गांवों के लोगों को कूड़े की बदबू और धुएं का सामना करना पड़ता था। लोग यहां कूड़ा न डालने की मांग पर कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं। ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के बाद कुछ हद तक ग्रामीणों को राहत मिल पाएगी। संवाद