कोषागार कर्मियों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही। फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कोषागार में अन्य विभागों के कर्मियों की ड्यूटी लगाने का विरोध किया है।
आंदोलन स्थल पर हुई सभा में केसी पंत, अंबिका नंदन जोशी, जितेश पंत, मोहन चंद्र विश्राल, प्रेम प्रकाश भट्ट ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी सरकार सहायक लेखाकार और लेखाकारों को उच्चीकृत ग्रेड वेतन नहीं दे रही है। जब तक संशोधित ग्रेड वेतन का आदेश जारी नहीं होता है, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। सभा को धर्म राम, कैलाश रजवार, महेश भट्ट, मनोज पुनेठा, ईश्वर राम, हरीश सामंत, दीपक वर्मा, हरिकृष्ण, विनोद राज, भुवन उप्रेती, श्याम सिंह, दिनेश तिवारी, इमरान किरण, विनोद खड़ायत, दीपक राय, चंदन वर्मा ने संबोधित किया।
उधर, फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सीएस जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एमएल वर्मा, महामंत्री एमसी जोशी ने कोषागार कर्मियों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा है कि दूसरे विभागों के कर्मियों की ड्यूटी कोषागार में लगाकर कर्मचारियों का आपसी सौहार्द बिगाडने का काम सरकार कर रही है।
चंपावत। कोषागार कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। 23 दिसंबर से बेमियादी हड़ताल कर रहे कर्मियों ने मंगलवार को भी विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने के बाद ही आंदोलन वापस लेने की बात कही है।
कर्मचारी प्रदेश के कोषागारों में कार्यरत सहायक लेखाकारों और लेखाकारों के ग्रेड वेतन 4600 और 4800 रुपये में संशोधन करने की मांग कर रहे हैं। संगठन के अध्यक्ष अनिल कुमार के नेतृत्व में मंगलवार को सातवें दिन जारी विरोध प्रदर्शन में जगत बिष्ट, मुकेश डिमरी, विनोद पाठक, अनिल कुमार, संजय कुमार, नंदन भाकुनी, तारातदत्त पांडेय, बीना पंत, प्रवीण चौहान, गणेश दत्त चौथिया, मनोज कुंवर, केशव दत्त भट्ट, कमलेश संग्रौला, प्रकाश ढेक, भुवन प्रसाद, जगदीश लाल वर्मा, आमोद गंगवार, करुण वर्मा, प्रकाश नाथ आदि थे।