भागीचौरा और चौसाल क्षेत्र के 800 परिवार 15 दिनों से पेयजल को तरस गए हैं। जल संस्थान के अधिकारी पानी की व्यवस्था करने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं। दो दिन में पानी की सप्लाई बहाल न होने पर ग्रामीण सड़कों में उतरकर आंदोलन शुरू कर देंगे।
भागीचैरा विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष भरत ऐरी ने बताया कि ननकूड़ी-भागीचौरा-चौंसाल पेयजल योजना पिछले 15 दिनों से पूरी तरह से बंद हैं। योजना के बंद होने से कड़ाके की ठंड में ग्रामीणों को दो से तीन किमी दूर पीने के पानी के लिए जाना पड़ रहा हैं। इस योजना से भागीचौरा, चौंसाल और उससे लगे तोकों के 800 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। मवेशियों के लिए भी पानी को दूर से ढोकर लाया जा रहा है। भरत ऐरी ने कहा कि पूरे वर्ष में यह योजना अधिकांश समय बंद ही रहती है। जिससे पूरे वर्ष यहां के लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि दो दिन में अगर पानी की सप्लाई बहाल न की गई तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। चौंसाल की प्रधान दीपा ऐरी ने कहा कि जल संस्थान ने चौंसाल के अनुसूचित जाति बस्ती में हैंडपंप लगाया जिसमें आज तक पानी नहीं आया है। जल संस्थान पिथौरागढ़ के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने कहा कि लंबी पेयजल योजना के चलते यह बाधित हो गई है जिसे शीघ्र सुधारने के निर्देश दे दिए हैं।