चंपावत। जिला मुख्यालय से 29 किमी दूर बदहाल अमोड़ी-खटोली सड़क दुर्घटना को दावत दे रही है। बदहाल सड़क से रोजाना कई वाहन काफी परेशानियों का सामना करते हुए आवाजाही करते हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अमोड़ी से खटोली तक 9.6 किमी सड़क कटिंग का कार्य किया गया था। ग्राम पंचायत छतकोट, दुधौरी, पछनई, भींजर, भनोल, ईजरा, खटोली तल्ली, खटोली मल्ली, वैला सहित अन्य गांवों की 20 हजार से अधिक की आबादी को आजादी के बाद सड़क सुविधा का लाभ मिला था, लेकिन वर्तमान में इस सड़क की स्थिति खराब होने के कारण ग्रामीणों के लिए सफर करना जोखिम भर हो गया है।
आवाजाही करने वालों को हर वक्ता दुर्घटना का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने सड़क सुधारीकरण के लिए जिला प्रशासन से लेकर मंत्रियों तक गुहार लगाई। ग्रामीण जगदीश सिंह महराना ने बताया कि कोई सुध लेने वाला नहीं है। अब सड़क सुधारीकरण के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज बुलंद की जा रही है।
कोट
सड़क बदहाल होने के कारण ग्रामीण जान हथेली पर रखकर यात्रा करने के लिए मजबूर हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इससे आवाजाही करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। - प्रताप सिंह महराना, ग्राम प्रधान, पछनई।
लंबे समय से अमोड़ी-खटोली सड़क को ठीक करने की मांग की जा रही है, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। जल्द सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। - भरत राम, सामाजिक कार्यकर्ता।
अमोड़ी-खटोली मोटर मार्ग के डामरीकरण की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। देहरादून से अनुबंध होने के बाद निमार्ण कार्य शुरू किया जाएगा। - वैभव गुप्ता, कार्यवाहक, ईई, पीएमजीएसवाई।
एनएच पर मौत बनकर लटक रहे बोल्डर हटाने की मांग
कालिका और गोठी के ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
धारचूला (पिथौरागढ़)। टनकपुर-तवाघाट नेशनल हाईवे पर कालिका और गोठी के बीच लटके बोल्डरों को हटाने की मांग के लिए मंगलवार को कालिका और गोठी के ग्रामीणों ने एसडीएम मनजीत सिंह को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि खतरनाक रूप से लटके बोल्डर कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं।
ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि सड़क चौड़ीकरण के लिए की गई ब्लास्टिंग से पहाड़ी में दरारें में आ गई हैं। कई बोल्डर पहाड़ी पर लटके हैं, जो कभी भी गिरकर हादसे का कारण बन सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल भी हो चुका है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही खतरनाक रूप से लटके बोल्डरों को नहीं हटाया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वालों में संदीप बोरा, चंद्रमोहन जोशी, प्रकाश सिंह ठगुन्ना आदि शामिल रहे। संवाद