पिथौरागढ़। आदि कैलाश तक यात्रियों और पर्यटकों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए परिवहन निगम तैयार है। निगम के मुताबिक सर्वे में धारचूला-लिपुलेख सड़क रोडवेज बस के संचालन के लिए उपयुक्त है। इसके लिए निगम को अनुमति का इंतजार है। यदि इस सड़क पर निगम को रोडवेज बस संचालन की अनुमति मिली तो आदि कैलाश यात्रियों, पर्यटकों के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।
आदि कैलाश और कैलाश मानसरोवर की यात्रा सुगम बनाने के साथ ही चीन सीमा तक पहुंच आसान बनाने के लिए तवाघाट-लिपुलेख सड़क का निर्माण किया गया है। अब तक इस सड़क पर सेना के वाहनों के साथ ही टैक्सी और निजी वाहनों के संचालन की अनुमति है। अब रोडवेज भी इस सड़क पर बसों के संचालन की तैयारी कर रहा है। डिपो के जिम्मेदार अधिकारियों ने पूर्व में इस सड़क पर बसों के संचालन के लिए सर्वे भी किया था।
अधिकारियों के मुताबिक इस सड़क पर ईंधन के टैंकर, सेना की बसों का सफल संचालन हो रहा है। ऐसे में यह सड़क रोडवेज बसों के संचालन के लिए भी उपयुक्त है। यदि डिपो को अनुमति मिली तो वह दिन दूर नहीं जब यात्री गुंजी और आदि कैलाश तक रोडवेज की बस से पहुंचेंगे। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए पिथौरागढ़ डिपो को इस सड़क पर बस संचालन की अनुमति का इंतजार है।
यात्रा में यात्रियों का बचेगा धन
डिपो के मुताबिक, आदि कैलाश यात्रा के लिए छोटे वाहनों का उपयोग हो रहा है। इन वाहनों में चार से पांच यात्री ही सफर कर सकते हैं। एक वाहन को बुक करने में हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं। यदि बस में अधिक यात्री सफर करेंगे तो इसका किराया बेहद कम होगा। इसका सीधा लाभ यात्रियों और पर्यटकों को मिलेगा। हालांकि डिपो ने फिलहाल आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर किराया तय नहीं किया है।
पांगला तक संचालित हो रही है रोडवेज बस
आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर पिथौरागढ़ डिपो पांगला तक रोडवेज बस का संचालन कर रहा है। धारचूला से पांगला की दूरी 35 किलोमीटर है। पांगला से गुंजी तक पहुंचने के लिए रोडवेज बस को 50 जबकि आदि कैलाश तक सफर तय करने के लिए 80 किलोमीटर का सफर तय करना होगा।
कोट
आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर डिपो बस संचालन के लिए तैयार है। इस सड़क पर रोडवेज बस का संचालन आसानी से हो सकता है। अनुमति मिलने से यात्रियों का सफर भी आसान होगा और इससे निगम की आय भी बढ़ेगी। - दीपक ज्याला, फोरमैन, पिथौरागढ़ डिपो