भारी बारिश के साथ अंधड़ से मकानों की छत उड़ी
- फोटो : अमर उजाला
मुनस्यारी में भारी बारिश के साथ अंधड़ ने आफत फैलाई। अंधड़ से पेड़ गिरा तो जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर दो घंटे तक आवाजाही ठप रही। ऐसे में वाहन चालक, यात्री और पर्यटक भारी बारिश के बीच फंसे रहे। वहीं पशु अस्पताल और खरियाबाड़ा में तीन मकानों की छत उड़ने से खासा नुकसान हुआ है।
शुक्रवार दोपहर 12 बजे मुनस्यारी सहित आसपास के इलाकों में अंधड़ के साथ बारिश हुई इससे जनजीवन प्रभावित रहा। अंधड़ से जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर दरातीं के पास विशालकाय पेड़ गिरने से आवाजाही ठप हो गई। सड़क के दोनों तरफ सैकड़ों वाहन फंस गए। यात्रियों, वाहन चालकों और पर्यटकों को भारी बारिश के बीच सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस कर्मियों ने पेड़ हटाकर आवाजाही शुरू कराई तब जाकर यात्री और पर्यटक गंतव्य को रवाना हुए। मुख्य बाजार को जोड़ने वाली शिशु मंदिर सड़क भी पेड़ गिरने से दो घंटे तक बंद रही।
वहीं अंधड़ से पशु अस्पताल और खसियाबाड़ा में तीन आवासीय मकानों की छत उड़ गई। पशु अस्पताल की छत उड़ने से यहां रखी दवा सहित अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है। दरातीं में एक आवासीय मकान की छत उड़ने से प्रभावित परिवार को खासी परेशानी झेलनी पड़ी है। यहां लाइन पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति भी ठप है। नंदा देवी मार्ग पर भी अंधड़ से एक सोलर लाइट का खंभा क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। एसडीएम आशीष जोशी ने कहा कि नुकसान का जायजा लेने टीम मौके पर भेजी गई है।
थल में सबसे अधिक 40 एमएम हुई बारिश
पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय सहित जिले के अन्य हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक जिला मुख्यालय में बीते 24 घंटे में 0.50, बेड़ीनाग में 4.20, डीडीहाट में 19.80, मुनस्यारी में 8, धारचूला में 13, बंगापानी में 10, कनालीछीना में 7.20, तेजम में 11, देवलथल में 4.80, थल में 40 एमएम बारिश रिकार्ड की गई।