भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार का परमिट प्राप्त करने के लिए अब तक सीमांत के 203 व्यापारियों ने आवेदन जमा कर दिए हैं। प्रशासन 30 मई से ट्रेड परमिट जारी करेगा। प्रशासन के पास कुल 264 ट्रेड परमिट इस समय उपलब्ध हैं। यदि आवेदनों की संख्या बढ़ती है तो कुछ ट्रेड परमिट और मंगाए जाएंगे। प्रशासन ने व्यापारियों को 30 सितंबर तक परमिट जारी करने का फैसला लिया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए हर बार की तरह इस बार भी व्यापार की अवधि 31 अक्तूबर तक बढ़ाई जा सकती है।
भारत तिब्बत व्यापार के ट्रेड सहायक पीएस कुटियाल ने बताया कि इस बार प्रशासन ने ट्रेड परमिट के लिए आवेदन समय से पहले मांगने शुरू किए हैं। इस माह के अंत तक आवेदन जमा होंगे और जितने आवेदन जमा होंगे उनको परमिट जारी कर दिया जाएगा। भारत तिब्बत व्यापार में हिस्सा लेने के इच्छुक व्यापारियों ने गुंजी मंडी में सामान पहुंचाना शुरू कर दिया है। इस बार यह उम्मीद है कि जून में पहला जत्था तिब्बत की मंडी तकलाकोट को रवाना हो जाएगा।
इधर, भारत-तिब्बत व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह रौंकली ने कहा कि व्यापारियों को 31 अक्तूबर तक के लिए व्यापार परमिट जारी किए जाएं, ताकि व्यापारियों के सामने अनिश्चय की स्थिति न हो। 30 सितंबर तक की अवधि के लिए जारी परमिट को 31 अक्तूबर तक बढ़ाने की औपचारिकता पूरी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि इस मामले को जनप्रतिनिधियों के सामने भी उठाया जाएगा। पिछले साल भी व्यापार की अवधि को जिलाधिकारी के स्तर से 30 सितंबर के बाद 15-15 दिन के लिए दो बार बढ़ाया गया था। भारत-तिब्बत व्यापार लिपुलेख दर्रे से होता है। व्यापारी सामान समेत तकलाकोट मंडी जाते हैं।