विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन विभाग ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी ट्रैकिंग अभियान जारी रखा। सोमवार को करीब 200 बच्चों का दल मोस्टामानू की ट्रैकिंग पर गया। जिला पर्यटन अधिकारी बीपी टम्टा ने ट्रैकिंग अभियान दल को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि बच्चों को साफ्ट ट्रैकिंग के माध्यम पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी जा रही है।
ट्रैकिंग पर जाने वाले छात्रों का दल सोमवार सुबह रामलीला मैदान के पास एकत्र हुआ। वहां से पूरे जोश और उल्लास के साथ दल घंटाकरण से उल्का मंदिर, वरदानी मंदिर, वन विभाग गेस्टहाउस, चंडाक होते हुए मोस्टामानू पहुंचा।
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मोस्टामानू में भगवान मोस्टिया देवता का मंदिर से है। वहां से हिमालय की कई चोटियों के दर्शन हो जाते हैं। पर्यटन अधिकारी ने बताया कि पिथौरागढ़ के आसपास कई ट्रैकिंग रूट हैं। इन रूटों का अब तक पर्यटन की दृष्टि से उपयोग नहीं हो पाया है।
अब साफ्ट ट्रैकिंग के लिए भी पर्यटक आकर्षित किए जाएंगे। बताया कि चंडाक, मोस्टामानू तक रोज सुबह घूमने वाले तो पहुंचते ही हैं लेकिन पर्यटकों की संख्या कम रहती है। ट्रैकर अशोक भंडारी ने कहा कि पर्यटन विभाग की यह पहल काफी सराहनीय है। इससे छात्रों में ट्रैकिंग का रुझान बढ़ेगा।