कैलास मानसरोवर यात्रा-2016 का शुक्रवार को दिल्ली में समापन हो जाएगा। अंतिम दल के यात्रियों के दिल्ली पहुंचते ही यात्रा समापन की घोषणा हो जाती है। अब कैलास मानसरोवर यात्रा अगले वर्ष शुरू होगी। इस बार कुल 701 यात्रियों को कैलास पर्वत के दर्शन और मानसरोवर झील में स्नान करने का सौभाग्य मिला।
18 दलों में 157 महिलाओं समेत कुल 714 यात्रियों को यात्रा पर भेजा गया, लेकिन दो महिलाओं समेत 13 यात्री स्वास्थ्य संबंधी कारणों और घरेलू समस्या के चलते तिब्बत में प्रवेश करने से पहले ही लौट आए। इस तरह 701 यात्री ही कैलास मानसरोवर की परिक्रमा पर जा पाए।
कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि सौभाग्य से इस बार किसी भी सदस्य के साथ कोई समस्या पैदा नहीं हुई। मौसम ने इतना साथ दिया कि यात्रियों को ज्यादा मुसीबत नहीं उठानी पड़ी। अंतिम तीन दलों के यात्रियों को तो बेहतरीन मौसम के बीच यात्रा का सौभाग्य मिल गया। उन्होंने कहा कि निगम ने इस बार हर पड़ाव पर भोजन और आवास की बेहतरीन व्यवस्था की थी। यात्रियों को दुर्गम पड़ावों पर भी घर जैसा माहौल देने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि अगली बार व्यवस्थाओं में और ज्यादा सुधार लाया जाएगा।
पड़ावों पर तैनात कर्मचारी लौटे
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग के पैदल पड़ावों पर तैनात केएमवीएन के सभी कर्मचारी लौट आए हैं। यात्रा पड़ावों पर करीब 90 कर्मचारी तैनात होते हैं। यात्रा के दौरान खोलने वाले धारचूला के आधार शिविर से भी अतिरिक्त स्टाफ को वापस बुला लिया गया है। महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि यात्रा के दौरान बेहतर काम करने वाले कर्मचारी इस बार भी सम्मानित किए जाएंगे।
अगले साल हर हाल में शुरू होगी वाहन सुविधा
केएमवीएन इस बार गुंजी से कालापानी तक यात्रियों को वाहनों से नहीं ले जा पाया, लेकिन यह कोशिश की जा रही है कि अगले साल से यह सुविधा अनिवार्य रूप से शुरू हो जाए। केएमवीएन यात्रा शुरू होने से पहले हेलीकॉप्टर से गुंजी तक कुछ जीपों को पहुंचाने की व्यवस्था कर देगा। गुंजी से कालापानी तक सड़क बनी है। अगले साल तक कुछ और इलाके सड़क से जुड़ जाएंगे।