सीमांत के तिब्बत व्यापारियों के सामने इस बार लिपुलेख दर्रे में हो रहे भारी हिमपात ने बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। लिपुलेख दर्रे से घोड़ों से सामान ले जा पाना संभव नहीं हो पा रहा है।
व्यापार की प्रक्रिया को शुरू हुए एक माह से ज्यादा समय बीत गया है, अभी तक मात्र सात व्यापारी तिब्बत की मंडी तकलाकोट जा पाए हैं।
उपजिलाधिकारी और नामित ट्रेड अधिकारी एके पांडे ने कहा कि लिपुलेख दर्रे पर कोई दिक्कत आ रही है तो उसका समाधान संभव नहीं है।
प्रशासन का काम सिर्फ व्यापारियों को ट्रेड परमिट जारी करने का है। उन्होंने कहा कि अब तक मात्र सात व्यापारी तिब्बत की मंडी तकलाकोट गए हैं।
इस बार मौसम बार बार खराब होने से लिपुलेख दर्रे पर बर्फ गिरना बंद नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को अभी रिस्क उठाने की जरूरत नहीं है।
उनको लिपुलेख दर्रे से बर्फ पिघलने का इंतजार करना होगा। मौसम की स्थिति से किसी का वश नहीं चलता। इस बीच तिब्बत व्यापार की गतिविधियां अचानक ठप सी हो गई हैं। व्यापारी तिब्बत जाने के लिए तैयार नहीं हो पा रहे हैं। मौसम उनका साथ नहीं दे रहा है।