यहां के लोग तहसील दिवस को लगभग भूल चुके थे क्योंकि पिछले तीन वर्ष से यहां तहसील दिवस का एक भी आयोजन नहीं हुआ। इस बार नए एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने तहसील दिवस का आयोजन किया। उन्होंने हर महीने तहसील दिवस आयोजित करने का भी फैसला लिया है। तीन साल बाद पहली बार हुए तहसील दिवस में लोनिवि, जल संस्थान, कृषि, बाल विकास विभाग के अधिकारी शामिल नहीं हुए। एसडीएम ने इन विभागों के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
मंगलवार को हुए तहसील दिवस में यह तय किया गया कि हर महीने के प्रथम मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन अनिवार्य रूप से होगा। हर महीने के दूसरे शनिवार को अधिकारी किसी एक गांव में रात्रि विश्राम करेंगे और जनता की समस्या सुनेंगे। इसकी शुरुआत होकरा गांव से की जाएगी। तहसील दिवस में बिजली, पानी, स्वास्थ्य से संबंधित मामले उठाए गए। एसडीएम ने इन मामलों का तत्काल समाधान करने को कहा है ताकि लोगों में तहसील दिवसों के प्रति विश्वास बना रहे। तहसील दिवस में तहसीलदार खुशाल राम, बीडीओ श्याम चंद, विद्युत विभाग के एसडीओ नीरज पांडे, विधायक प्रतिनिधि हीरा सिंह चिराल समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।