समेकित विकास समूह के अंतर्गत डीडीहाट, कनालीछीना, धारचूला विकासखंडों में महिलाएं अब खुद सिंचाई के लिए बरसाती पानी को एकत्रित करने के लिए टंकियों का निर्माण कर रही हैं। नाबार्ड से वित्त पोषित इस योजना का लाभ ग्रामीण महिलाओं के विकास के लिए कारगर साबित हो रहा हैं। महिलाएं भी इस काम को लेकर उत्साह में हैं।
चिया संस्था के परियोजना प्रबंधक गिरीश जोशी ने बताया कि डीडीहाट, कनालीछीना, धारचूला विकासखंडों के 20 गांवों में नाबार्ड से वित्त पोषित समेकित विकास निधि परियोजना से महिलाओं के विकास की कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं के सहभागिता समूहों के द्वारा लो डेनसिटी पॉली इथाईल टैंक अर्थात एलडीपीई बरसाती टैंको का निर्माण किया जा रहा है। यह टैंक उन स्थानों में उपयोगी साबित हो सकते हैं जहां पर सिंचाई की व्यवस्था नहीं है। धारचूला के खेत गांव में सहभागिता समूह एलडीपीई टैंकों का निर्माण कर रहा है। सहभागिता समूह खेत की सदस्या सुप्पो देवी ने बताया कि गांवों में सिंचाई न होने से खेती योग्य भूमि बंजर हो गई है। इन टैंकों में एकत्रित बरसाती पानी खेतों में सिंचाई के उपयोग में आ रहा है। इस प्रकार की योजनाएं महिलाओं के उत्थान के लिए काफी लाभदायक सिद्ध हो रही हैं। तीन महीने में दर्जनों गांवों में ऐसे टैंकों का निर्माण करके खेतों में सिंचाई का कार्य किया जा रहा है।