बंगापानी (पिथौरागढ़)। झापुली-बोना सड़क के लगातार धंसने से खतरे की जद में आए झापुली गांव के तीन प्रभावित परिवारों को प्रशासन की टीम ने सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। 30 अगस्त को अमर उजाला ने हजूर, सड़क धंसने से खतरे की जद में हैं हमारे मकान, शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई की गई है।
करीब पंद्रह दिन पूर्व भारी बारिश के कारण झापुली-बोना मोटर मार्ग भूस्खलन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया था। सड़क धंसने का यह सिलसिला लगातार जारी रहने से इसके ऊपर बने नौ मकान गंभीर खतरे की चपेट में आ गए थे। इस गंभीर स्थिति को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद डीएम आशीष कुमार भटगांई के निर्देशों पर एसडीएम डॉ. ललित मोहन तिवारी के नेतृत्व में राजस्व, भूगर्भ और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने मौके का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने माना कि बेलमती देवी, ठाकुर सिंह और मोहन सिंह के मकानों पर मंडरा रहा खतरा वास्तविक है और वहां रहना सुरक्षित नहीं है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने इन तीनों परिवारों को उनके पड़ोसियों के यहां सुरक्षित शिफ्ट करवा दिया है। वहीं टीम ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल अन्य मकानों को तत्काल खतरा नहीं है लेकिन उनके बचाव के लिए युद्धस्तर पर सुरक्षात्मक कार्य करने बेहद जरूरी हैं।
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यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ने जताया आभार
यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रभावितों को शिफ्ट किए जाने और झापुली-बोना मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण के निर्देश दिए जाने पर डीएम का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि सड़क बंद होने से गांव में आपूर्ति प्रभावित है। ग्रामीणों के लिए राशन, रसोई गैस सहित अन्य सामान का प्रबंधन करना मुश्किल हो रहा है। सड़क का पुनर्निर्माण होगा तो यह समस्या दूर हो जाएगी।
झापुली में स्थलीय निरीक्षण के बाद खतरे की जद में पाए गए तीन परिवारों को फिलहाल शिफ्ट किया गया है। प्रभावितों के विस्थापन के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-आशीष रौतेला, तहसीलदार, मुनस्यारी