महाकाली में पट रहा खोतिला भूस्खलन का मलबा
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इस तहसील के खोतिला गांव में चार अक्तूबर 2016 को हुए भारी भूस्खलन के दौरान निकले मलबे का निस्तारण अब तक नहीं किया गया है। अब यह मलबा तेज बारिश के दौरान बहकर सीधे महाकाली के किनारे पटता जा रहा है। इससे महाकाली का प्रवाह नेपाल की तरफ ज्यादा हो गया है। महाकाली के किनारे स्थित नेपाल के बंगाबगड़ गांव की सुरक्षा के लिए बनाए गए तटबंध टूट गए हैं। बंगाबगड़ गांव को भूस्खलन का खतरा हो गया है। नेपाल के दार्चुला जिले के अधिकारियों ने इस संबंध में धारचूला के एसडीएम से बात की है और नदी के किनारे जमा मलबे का हटाने के लिए कहा है।
खोतिला में पिछले साल हुए भूस्खलन के बाद भूवैज्ञानिकों की टीम एवं अन्य अधिकारियों ने दौरा किया था और मलबे का निस्तारण करने का फैसला लिया गया, लेकिन फिर कुछ नहीं हुआ। खोतिला से निकला सारा मलबा पहाड़ी पर अटका है। अब बारिश के साथ यह मलबा लगातार नीचे गिरकर महाकाली में पटता जा रहा है।
इससे महाकाली का रुख नेपाल की तरफ होने लगा है और महाकाली के किनारे स्थित बंगाबगड़ गांव को गंभीर खतरा होने लगा है। एसडीएम आरके पांडे ने कहा कि नदी के रुख पर नजर रखी जा रही है। मलबा हटाने के लिए सिंचाई विभाग को निर्देश दिए गए हैं।