नेपाल सीमा से सटे तड़ीगांव और बलतड़ी के लोगों ने इस बार मतदान के समय अपना एजेंडा तय किया था। सड़क, पानी, संचार की असुविधा का सामना कर रहे लोगों ने सिर्फ विकास की आस में मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यही नहीं यह लोग वोट डालने के लिए पांच किलोमीटर का पैदल सफर तय कर मतदान केंद्र तक पहुंचे थे।
पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतिम गांव तड़ीगांव और डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र के बलतड़ी गांव के लोगों ने प्राइमरी स्कूल बोनकोट में जाकर मतदान किया। चुने जाने वाले विधायक और बनने वाली सरकार के सामने गांव तक सड़क बनाने की मांग रखने का फैसला लिया।
तड़ीगांव नेपाल सीमा से लगे पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र का अंतिम गांव है, वहां पर 378 मतदाता हैं, इसमें से 224 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बोनकोट के प्राथमिक विद्यालय में बने मतदान केंद्र में पीपलतड़ा, तड़ीगांव, बोनकोट, जायल, लमीजर, ज्ञानपीपली, तोक और टाकुला गांवों के लोग मतदान के लिए सुबह 8 बजे ही पहुंच गए थे। 115 महिला और 109 पुरुष सहित 224 लोगों ने भी मतदान किया। साथ ही डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र के बलतड़ी गांव में 279 मतदाता हैं। वहां पर भी 196 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।