जिले में एड्स की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष एचआईवी पॉजिटिव के 13 नए केस सामने आ गए, जबकि पिछले साल से नियमित दवा लेने वालों की संख्या 140 है। जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार एक वर्ष के भीतर किसी भी व्यक्ति की एड्स से मौत नहीं हुई है। नेपाल के लोग भी जिला अस्पताल से दवा लेने आते हैं। एड्स के मरीजों को एंटी रिस्टो वायरल थेरेपी दवा दी जाती है। इस दवा से रोग में काफी हद तक फायदा हो जाता है।
जिला अस्पताल के पैथालॉजिस्ट डा. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि एड्स के इलाज और जांच के लिए बाकायदा काउंसलर की नियुक्ति की गई है। यह काउंसलर लोगों को रोग से बचाव की जानकारी देते हैं। टेस्टिंग की भी अस्पताल में सुविधा है। डा. शर्मा ने बताया कि बाहरी जिलों में काम करने वालों में एड्स के लक्षण ज्यादा पाए जाते हैं।
पिथौरागढ़ जिले की बागेश्वर से लगी सीमा के अलावा नेपाल के सीमावर्ती गांवों के लोग एड्स की जांच और दवा के लिए आते रहते हैं। हाल के वर्षों में एड्स का प्रकोप ज्यादा तेजी से फैला है, लेकिन दवाओं से इसमें नियंत्रण का भी दावा किया जा रहा है।