अवैध खनन के मुद्दे पर प्रदर्शन करते कनारीपाभै और देवत के लोग
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देवत, पधेड़ा, कनारीपाभें और कुसौली के लोग मंगलवार को अवैध खनन से गांवों पर मंडरा रहे खतरे के विरोध में सड़क पर उतर आए। इन गांवों के लोगों ने अवैध खनन पर रोक लगाने और खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने के साथ ही धरना दिया। उन्होंने खनन से पानी के स्रोत क्षतिग्रस्त होने के साथ ही प्रशासन पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
देवत के प्रधान गणेश दयाल, कनारीपाभें के प्रधान दिगंबर सिंह के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने जबरदस्त नारेबाजी की। जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में इन लोगों ने कहा कि क्षेत्र में दिन-रात अवैध खनन किया जा रहा है। खनन करने के लिए विस्फोट सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। अवैध खनन से देवत गांव के साथ ही अस्पताल को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। साथ ही पेयजल स्रोत, पैदल रास्ते, उपजाऊ खेत और चारागाह बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि खनन के धंधे में कुछ प्रभावशाली लोगों का हाथ है। प्रशासन के सामने कई बार मामला उठाया जा चुका है, लेकिन खनन माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शन में चंदू बम, सुनीता बम, प्रेमा बम, अमित बम, देवी दत्त भट्ट, भूपाल सिंह, नरेंद्र सिंह आदि शामिल थे।
सड़क निर्माण के नाम पर हो रहा खनन
कुसौली के प्रधान रघुवीर सिंह ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कनारीपाभें सड़क निर्माण के नाम पर पिछले कई साल से अवैध खनन का धंधा चलने का मामला उठाया है। कहा है कि ब्लास्टिंग के जरिए खनन का खेल खेला जा रहा है। बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से ग्राम पंचायत के पानी का स्रोत क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रधान ने खनन पर रोक लगाने के साथ ही पेयजल योजना की मरम्मत कराने की मांग की है।