पिथौरागढ़। जिला विकास प्राधिकरण में शामिल करने का विरोध बढ़ता ही जा रहा है। जन संघर्ष सेना ने कहा कि नगर से लगे 24 गांवों को डीडीए में शामिल करना गलत है। अगर इन गांवों को प्राधिकरण से बाहर नहीं किया गया तो सभी ग्रामीण सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे।
शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और जन संघर्ष सेना के सदस्य ऋषेंद्र महर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश सरकार जिला विकास प्राधिकरण के नाम पर पहाड़ की जनता को परेशान कर रही है। ग्रामीणों को भवन निर्माण कराने से पहले प्लान पास कराना पड़ रहा है। प्लान पास कराने के लिए काफी रुपये वसूले जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के नियम काफी जटिल हैं जो सरकार के राजस्व वसूली का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। ग्राम प्रधान महिपाल वल्दिया, ग्राम प्रधान किशन धामी ने कहा की प्राधिकरण के नियम पर्वतीय क्षेत्रों के लिए पलायन का बड़ा कारण बन जाएगा। पर्वतीय क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए यहां जिला विकास प्राधिकरण के नियम लागू करना गलत है। ग्राम प्रधान मनोज सिंह, ग्राम प्रधान सुंदर प्रसाद, क्षेत्र पंचायत सदस्य अक्षय कुंवर ने कहा की पर्वतीय क्षेत्रों में जिला विकास प्राधिकरण के नियम लागू नहीं किए जाने चाहिए।
चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द अपना यह आदेश वापस नहीं लिया तो 24 गांवों के साथ ही शहर के लोग एकजुट होकर सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान ग्राम प्रधान संगठन ब्लाॅक अध्यक्ष महिपाल वल्दिया, ग्राम प्रधान नैनी सैनी सुंदर प्रसाद, ग्राम प्रधान ओड़माथा मनोज सिंह, ग्राम प्रधान हुडेती रजत उप्रेती, ग्राम प्रधान चैसर किशन धामी, क्षेत्र पंचायत सदस्य अक्षय कुमार, आनंद धामी, प्रकाश देवली, निखिल ऐरी, महेंद्र प्रसाद मौजूद रहे।