जिलाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने एडीबी और विश्व बैंक पोषित निर्माणाधीन सड़कों में घपलेबाजी को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा है कि गुणवत्ता में कमी पाए जाने और काम से अधिक भुगतान का मामला सामने आने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डीएम ने सातशिलिंग-थल सड़क की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगने के साथ ही एडीबी डिवीजन के अधिशासी अभियंता को मौके पर जाकर एक सप्ताह के भीतर किए गए कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। हॉटमिक्स प्लांट लगाने के लिए खोदी गई पहाड़ी की जांच के आदेश दिए। लीमाटौड़ा सड़क में धन के दुरुपयोग के मामले में अभियंताओं से धन की वसूली होगी।
डीएम ने एडीबी और विश्व बैंक पोषित निर्माणाधीन सड़कों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सातशिलिंग-थल सड़क की अलग से भी जांच कराई जा रही है। निर्माणाधीन सड़कों में हॉटमिक्स किया गया है और वह उखड़ गया है तो मार्च में ठेकेदार से ठीक करा लिया जाए। ठेकेदार दोबारा हॉटमिक्स नहीं करता है तो उसे ब्लैक लिस्टेट कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि वह निर्माणाधीन सड़कों का स्वयं निरीक्षण करेंगे।
सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। डीएम ने वर्ष 2008-09 में स्वीकृत लीमाटौड़ा 5 किमी सड़क पर मानकों के अनुसार काम न होने के बाद भी ठेकेदार को भुगतान करने पर नाराजगी प्रकट करते हुए लोनिवि अस्कोट डिवीजन के तत्कालीन अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता के द्वारा किए गए भुगतान की रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत करने को कहा है। कहा कि इन अभियंताओं से रकम की वसूली कराई जाएगी।
बैठक में एडीबी डिवीजन के अधिशासी अभियंता दिनेश प्रसाद आर्य, विश्व बैंक डिवीजन के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार, हरीश चंद्र मेनल, सहायक अभियंता प्रेम प्रकाश, श्याम शुभम, अजय वर्मा, विवेक श्रीवास्तव, जसपाल चंद, राहुल कुमार मौजूद थे।