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चीन सीमा से सटी व्यास घाटी के लोगों के लिए नहीं है संचार की उचित व्यवस्था

Thu, 02 Jul 2020 09:52 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : uswitch.com
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तवाघाट से ऊपर और व्यास घाटी की लगभग 20 ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक क्षेत्र की संचार व्यवस्था नहीं है। वहीं तहसील मुख्यालय से मात्र आठ किलोमीटर दूर गलाती और रमतोली ग्राम पंचायत लगभग नौ हजार की आबादी के लिए भी नेटवर्क नहीं है। ये दो गांव सूचना के लिए नेपाली नमस्ते और नेपाल स्काई सरकारी नेटवर्क का सहारा लेने को मजबूर हैं।

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सीमांत के थेलप्या, धामी गांव, चिनपति, छाना, तोली, भतखाना, पुरेंच, गडाल, मक्कना और सेकला गांव के लोगों को पांच से सात किलोमीटर दूर सड़क पर या फिर तहसील कार्यालय में आकर सूचना का आदान-प्रदान करना पड़ता है।

गांव के लोगों ने बताया कि लगभग एक हजार से अधिक लोगों के पास नेपाली सिम हैं। इन दो ग्राम पंचायत के कुछ तोकों में नमस्ते और कुछ में स्काई का नेटवर्क आता है, जिन तोकों में स्काई का नेटवर्क आता है उन लोगों को स्काई के सिम के लिए अलग से मोबाइल सेट खरीदने को मजबूर होना पड़ता है।
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क्योंकि स्काई का सिम सीडीएमए प्रकार का होता है, इसलिए लोगों को सिम के साथ अतिरिक्त मोबाइल सेट भी खरीदना पड़ता है, जबकि नमस्ते सिम भारतीय सिम की तरह जीएसएम होता है। इसलिए नमस्ते सिम वाले लोगों को अतिरिक्त फोन सेट खरीदने की जरूरत नहीं होती है।

ग्रामीण सांसद को भी दे चुके हैं पत्र

इन दो ग्राम पंचायतों के साथ ही अन्य क्षेत्रों में संचार, सड़क, स्वास्थ्य समेत तमाम समस्याओं को लेकर कुछ महीने पूर्व ब्लॉक प्रमुख धन सिंह धामी और बीडीसी मेंबर देवेंद्र सिंह ने सांसद अजय टम्टा को ज्ञापन दिया था। अजय टम्टा ने केंद्र सरकार से बात करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

ऑनलाइन नहीं पढ़ पा रहे हैं बच्चे

आजादी के इतने सालों बाद भी संचार की कोई व्यवस्था नहीं होने से छात्रों को ऑनलाइन परीक्षाओं की जानकारी नहीं मिल पा रही है। छात्रों को होमवर्क और परीक्षाओं की जानकारी के लिए नेपाली नेटवर्क का सहारा लेना पड़ रहा है या फिर तहसील मुख्यालय में आकर साइबर कैफे वालों से ऑनलाइन परीक्षा के बारे में पूछना पड़ता है।

गांव में कोई भी संचार की व्यवस्था नहीं होने युवा सभी जनप्रतिनिधियों से काफी नाराज हैं। गांव में कुछ समय पूर्व ही सड़क पहुंची है।
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ग्राम पंचायत गलाती रमतोली में संचार की समस्या को देखते हुए सरकार को इस सीमांत को संचार से जल्दी से जल्द जोड़ना अति आवश्यक है। वर्तमान में हमारे दोनों गांव के एक हजार से अधिक युवा सेना में हैं। जनप्रतिनिधियों की नाकामी से सैनिकों के परिजन संचार सुविधा से महरूम हैं। - देबू बिष्ट, सेक्ला निवासी

संचार व्यवस्था और स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर समय-समय पर राज्य और केंद्र सरकार को जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिया गया है। केंद्र व राज्य सरकार हमारे गांव की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। सीमांत के लोगों को शीघ्र संचार सुविधा मिलनी चाहिए। -जमन कुमार गलाती

हमारे दोनों गांव में कोई भी सरकारी संचार व्यवस्था नहीं है, जिससे हम लोगों को नेपाली नेटवर्क का सहारा लेना पड़ता है, जिससे लोगों को सूचना देने में काफी दिक्कत होती है। सरकार को शीघ्र मोबाइल टावर की सुविधा देनी चाहिए। -प्रेम सिंह, सरपंच रमतोली

हमारे गांव में सरकारी संचार व्यवस्था नहीं होना दुर्भाग्य की बात है। जिस प्रकार नेपाल सरकार ने सीमांत के गांव में संचार सुविधा दी है उसी प्रकार हमारी सरकार को सीमांत में संचार की व्यवस्था देनी चाहिए। - पूर्व प्रधान मंजू देवी रमतोली
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