इन दो ग्राम पंचायतों के साथ ही अन्य क्षेत्रों में संचार, सड़क, स्वास्थ्य समेत तमाम समस्याओं को लेकर कुछ महीने पूर्व ब्लॉक प्रमुख धन सिंह धामी और बीडीसी मेंबर देवेंद्र सिंह ने सांसद अजय टम्टा को ज्ञापन दिया था। अजय टम्टा ने केंद्र सरकार से बात करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
ऑनलाइन नहीं पढ़ पा रहे हैं बच्चे
आजादी के इतने सालों बाद भी संचार की कोई व्यवस्था नहीं होने से छात्रों को ऑनलाइन परीक्षाओं की जानकारी नहीं मिल पा रही है। छात्रों को होमवर्क और परीक्षाओं की जानकारी के लिए नेपाली नेटवर्क का सहारा लेना पड़ रहा है या फिर तहसील मुख्यालय में आकर साइबर कैफे वालों से ऑनलाइन परीक्षा के बारे में पूछना पड़ता है।
गांव में कोई भी संचार की व्यवस्था नहीं होने युवा सभी जनप्रतिनिधियों से काफी नाराज हैं। गांव में कुछ समय पूर्व ही सड़क पहुंची है।
ग्राम पंचायत गलाती रमतोली में संचार की समस्या को देखते हुए सरकार को इस सीमांत को संचार से जल्दी से जल्द जोड़ना अति आवश्यक है। वर्तमान में हमारे दोनों गांव के एक हजार से अधिक युवा सेना में हैं। जनप्रतिनिधियों की नाकामी से सैनिकों के परिजन संचार सुविधा से महरूम हैं। - देबू बिष्ट, सेक्ला निवासी
संचार व्यवस्था और स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर समय-समय पर राज्य और केंद्र सरकार को जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिया गया है। केंद्र व राज्य सरकार हमारे गांव की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। सीमांत के लोगों को शीघ्र संचार सुविधा मिलनी चाहिए। -जमन कुमार गलाती
हमारे दोनों गांव में कोई भी सरकारी संचार व्यवस्था नहीं है, जिससे हम लोगों को नेपाली नेटवर्क का सहारा लेना पड़ता है, जिससे लोगों को सूचना देने में काफी दिक्कत होती है। सरकार को शीघ्र मोबाइल टावर की सुविधा देनी चाहिए। -प्रेम सिंह, सरपंच रमतोली
हमारे गांव में सरकारी संचार व्यवस्था नहीं होना दुर्भाग्य की बात है। जिस प्रकार नेपाल सरकार ने सीमांत के गांव में संचार सुविधा दी है उसी प्रकार हमारी सरकार को सीमांत में संचार की व्यवस्था देनी चाहिए। - पूर्व प्रधान मंजू देवी रमतोली