पिथौरागढ़। जिले में लोगों को सरकारी अस्पताल के साथ ही निजी क्लीनिक में सिटी स्कैन की सुविधा तो है, लेकिन सीटी स्कैन की फिल्म देखकर रिपोर्ट बनाने वाला विशेषज्ञ नहीं है। इससे मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। घंटों इंतजार के बाद मरीजों की रिपोर्ट मिलती है।
जिला मुख्यालय में बेस अस्पताल में सरकारी दरों पर सीटी स्कैन होता है। कोविड के दौरान अगस्त 2021 में स्वास्थ्य विभाग को सीटी स्कैन मशीन शासन से मिली। मशीन बेस अस्पताल में स्थापित की गई, इसके बाद लोगों को बढ़ी राहत मिली। पूर्व में पिथौरागढ़ में सीटी स्कैन की व्यवस्था सिर्फ निजी क्लीनिक में थी, जहां पर लोग अधिक मूल्य देकर सीटी स्कैन कराते थे। सीटी स्कैन हेड इंजरी की चोट के स्कैन में काफी लाभकारी होती है। इससे चोट की वास्तविक स्थिति का पता चलता है।
इसके अलावा संक्रमण, मांसपेशियों और हड्डियों के विकारों, फ्रेक्चर, ट्यूमर, आंतरिक चोटों, रक्तस्राव की सीमा का पता लगाने, ट्यूमर, कैंसर आदि का पता लगाने और उनके उपचार आदि में मददगार साबित होती है। सीटी स्कैन करने के बाद इसे नोएडा भेजा जाता है। टेली रेडियोलॉजी के जरिए रिपोर्ट बेस चिकित्सालय में आती है। करीब ढाई साल बीतने के बाद भी सीटी स्कैन रिपोर्ट तैयार करने के लिए विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी। यह रिपोर्ट सिर्फ एमडी रेडियोलॉजिस्ट तैयार करते हैं। मिली जानकारी के अनुसार पूरे राज्य में वायटाल कंपनी के साथ करार है, जो राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्थापित सीटी स्कैन कराने वाले मरीजों की रिपोर्ट तैयार करती है।
सीटी स्कैन मशीन नोएडा भेजी जाती है, जहां विशेषज्ञ जांच के बाद इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर भेजते हैं।
डॉ. एचसी ह्यांकी, सीएमओ, पिथौरागढ़।
करना पड़ता है इंतजार
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में होने वाले सीटी स्कैन की रिपोर्ट बाहर जाती है। जहां एमडी रेडियोलॉजिस्ट रिपोर्ट तैयार कर भेजता है, लेकिन कई बार ऑनलाइन संचार में दिक्कत आने के कारण रिपोर्ट आने में समय लगता है। ऐसे में मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।