गंदगी से पटा थल का रामगंगा घाट। संवाद
थल (पिथौरागढ़)। रामगंगा नदी के तीनों घाटों को नमामि गंगे योजना से जोड़ा गया है। पिछले दो वर्षों में इन घाटों को गंदगी से बचाने और रखरखाव के लिए सरकार ने कई कार्यक्रम किए। सफाई अभियान चलाकर लोगों को घाट पर गंदगी न करने की नसीहत दी गई। बावजूद इसके इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। रामगंगा घाट वर्तमान में गंदगी से पटा है।
घाट पर लोग शव के दाह संस्कार के लिए आते हैं। कई लोग घाट पर मृतक के पुराने कपड़े न जलाकर नदी में बहा देते हैं। कई लोग तो नदी तट पर शौच करने से भी गुरेज नहीं करते हैं। घाट में गंदगी नहीं करने के लिए पेंटिंग के जरिये जनहित में सूचना भी अंकित की गई है लेकिन कोई सीखने को तैयार नहीं है। बालेश्वर मंदिर के नीचे वाले घाट पर इस समय काफी मात्रा में अधजली लकड़ियां जहां-तहां फैली हुई हैं। संवाद
व्यापारी ने निजी संसाधनों से खोली बंद नाली
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में सड़कों की नाली और कलवर्ट बंद होने से स्थानीय व्यापारी और लोग परेशान हैं। लोनिवि अधिकारियों से अनुरोध करने के बावजूद सकारात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। अब मंगलवार को व्यापारी राजेंद्र उपाध्याय ने बंद नाली खोलने के लिए अपने निजी संसाधनों से मजदूर लगाए। उन्होंने कहा कि नाली बंद होने से पानी सड़क पर बह रहा है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। संवाद