पिथौरागढ़। अब जिले के अभिभावकों को अपने बीमार बच्चों के इलाज के लिए भटकना होगा। एक बाल रोग विशेषज्ञ पहले ही एक साल के फैलोशिप के लिए चले गए हैं। दूसरे बाल रोग विशेषज्ञ भी जल्द ही एक महीने के मेडिकल अवकाश पर जा रहे हैं। ऐसे में बाल रोग विशेषज्ञ न होने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। विभाग ने निदेशालय को बाहर से बाल रोग विशेषज्ञ भेजने के लिए पत्र लिखा है।
जिला और महिला अस्पताल को छोड़कर जिले के किसी भी अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। बीते दिनों महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ फैलोशिप के लिए अस्पताल छोड़कर चले गए। अब एक साल बाद ही वह अस्पताल में सेवा शुरू करेंगे। ऐसे में दोनों अस्पतालों में भर्ती बच्चों के साथ ही जिले के अन्य हिस्सों से पहुंचने वाले बीमार बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ पर है। उन्होंने भी मेडिकल अवकाश के लिए आवेदन किया है। अगले तीन-चार दिन के भीतर वह भी अवकाश पर चले जाएंगे। ऐसे में जिले में बच्चों का इलाज पूरी तरह बंद हो जाएगा। जिले के डेढ़ लाख बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी कौन संभालेगा, इसका जवाब स्वास्थ्य विभाग के पास भी नहीं है। साफ है कि जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ अवकाश पर गए तो अभिभावकों को अपने बीमार बच्चों के इलाज के लिए भटकना पड़ेगा।
-
हर रोज दोनों अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं 80 से अधिक बच्चे
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक इन दिनों मौसम में बदलाव से बच्चे अधिक बीमार हो रहे हैं। हर रोज निमोनिया सहित अन्य बीमारी से जूझते हुए 80 से अधिक बच्चे इलाज के लिए दोनों अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ के अवकाश पर आने से अस्पताल प्रबंधन के साथ ही बच्चों और अभिभावकों की दिक्कत बढ़ेगी।
बाहर से विशेषज्ञ आएंगे या नहीं
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, 10 दिन पूर्व ही एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ ने मेडिकल अवकाश के लिए आवेदन कर दिया है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने निदेशालय को बाल रोग विशेषज्ञ की व्यवस्था करने के लिए पत्र भेजा है। तय है कि बाहर से ही बाल रोग विशेषज्ञ को सीमांत जिले में भेजना होगा। बाहर से विशेषज्ञ यहां आएंगे या नहीं इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
कोट
एक बाल रोग विशेषज्ञ फैलोशिप के लिए चले गए हैं। दूसरे ने भी मेडिकल अवकाश के लिए आवेदन किया है। ऐसे में निदेशालय को बाल रोग विशेषज्ञ की व्यवस्था करने के लिए पत्र भेजा गया है। विशेषज्ञ की व्यवस्था करने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
कोट
मेरा स्वास्थ्य खराब है। 10 दिन पूर्व ही मेडिकल अवकाश के लिए आवेदन कर दिया था। मैं तीन नवंबर से अवकाश पर जा सकता हूं। - डॉ. जेएस नबियाल, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़