अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष ने जनजाति आयोग के मामलों की सुनवाई की।
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पिथौरागढ़। सेवानिवृत्त आईपीएस एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने जिला सभागार में जनजाति आयोग के मामलों की सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने नौ मामलों को सुना, जिनमें से सात का निस्तारण कर दिया गया। दो मामलों में आवश्यक कार्रवाई की संस्तुति की गई।
बुधवार को सुनवाई के दौरान डॉ. भगत सिंह रावत और गोकर्ण सिंह रावत के आवासीय एवं क्षतिग्रस्त कृषि भूमि का मुआवजा देने की मांग की। पूरन सिंह ह्यांकी ने विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति, गौतम ह्यांकी ने सड़क निर्माण कार्य पूरा करने, दान सिंह बोनाल ने मोटर पुल निर्माण की मांग की। सुनवाई के दौरान दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की। सुनवाई के दौरान उपाध्यक्ष ने शासनादेश के तहत कार्रवाई निर्देश दिए। इस दौरान एसपी प्रीति प्रियदर्शनी, एएसपी विमल आचार्य, ईई लोनिवि सीपी सिंह, सीईओ अशोक कुमार जुकरिया, समाज कल्याण अधिकारी दिलीप कुमार मौजूद रहे।
बीएडीपी योजना के तहत दूरस्थ गांवों को उपलब्ध कराएं सुविधाएं
पिथौरागढ़। अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने सुनवाई के बाद विभागों के अधिकारियों के साथ सीमांत क्षेत्र में सड़क, पेयजल, शिक्षा आदि की समस्या को लेकर चर्चा की। उन्होंने बीएडीपी योजना के तहत दूरस्थ क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं मुहैय्या कराने को लेकर योजनाएं प्रस्तावित करने के लिए डीडीओ को निर्देशित किया। उन्होंने वनराजि के प्रत्येक परिवार को भूमि का अधिकार दिलाने की कार्रवाई भी शीघ्र पूरा करने को कहा। मर्तोलिया ने ग्रामीण निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को वनराजि परिवारों के लिए भवन निर्माण का प्रस्ताव बनाने और डीडीओ एवं समाज कल्याण अधिकारी के साथ तालमेल बनाकर प्रत्येक वनराजि गांव का मॉडल शीघ्र तैयार करने को कहा। संवाद