पिथौरागढ़। राज्य बनने के बाद उत्तराखंड को बदहाल करने का आरोप लगाते हुए ने यूकेडी ने भाजपा और कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए नगर में व्यवस्था परिवर्तन रैली निकाली। रैली में प्रदेश भर से यूकेडी नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। सभी ने कहा कि पिछले 25 सालों से लूट-खसोट जारी है। दोनों राष्ट्रीय दलों ने बारी-बारी से प्रदेश को लूटा। अब प्रदेश की जनता के साथ दोनों दलों को सत्ता से बाहर करने का समय आ गया है।
सोमवार दोपहर को यूकेडी ने नगर के ऐंचोली स्थित पेट्रोल पंप से देव सिंह, गांधी चौक, सिमलगैर बाजार होते हुए रामलीला मैदान तक व्यवस्था परिवर्तन रैली निकाली। वहां आयोजित जनसभा को यूकेडी के शीर्ष नेता काशी सिंह ऐरी, प्रदेश अध्यक्ष आशीष नेगी, द्वाराहाट के पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, केंद्रीय महामंत्री चंद्रमोहन गड़िया सहित शांति प्रसाद भट्ट, जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पुनेड़ा, कार्यकारी जिलाध्यक्ष जनार्दन उप्रेती, दिनेश गुरुरानी, राम सिंह बिष्ट, दीवान मेहता आदि ने संबोधित किया। यूकेडी नेताओं ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए कई लोगों ने बलिदान दिया।
आज तक भी उनकी उम्मीदों और सपनों का उत्तराखंड नहीं बन सका है। दोनों राष्ट्रीय दलों ने बारी-बारी से राज्य को लूटने का काम किया है। इसी का परिणाम है कि आज पलायन से गांव के गांव खाली हो गए हैं और नगर बड़े होते जा रहे हैं। प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा के शासन में भ्रष्टाचार, कमीशनबाजी और पेपर लीक जैसे प्रकरणों से युवाओं और आम जनता का भविष्य बर्बाद कर दिया है।
यह सरकार अपने घोटालों और कुनीतियों पर पर्दा डालने के लिए उत्तराखंड में सांप्रदायिक उन्माद के जहर को फैला रही है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता दोनों राष्ट्रीय दलों को दरकिनार कर यूकेडी का साथ देते हुए शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने में सहयोग देगी। यहां केंद्रीय उपाध्यक्ष जगत सिंह मेहता, गोविंद सिंह बिष्ट, कैलाश भट्ट, पंकज सिंह, गजेंद्र प्रसाद, राजेंद्र बिष्ट, पुष्कर सिंह चौहान, नारायण सोराड़ी आदि मौजूद थे।