थल (पिथौरागढ़)। भूस्खलन के कारण दरक रही थल की नागीमल मंदिर की पहाड़ी का सर्वे टीएचडीसी की टीम ने किया। यह टीम डीपीआर बनाकर लोक निर्माण विभाग को सौंपेगी। धन स्वीकृत होने पर पहाड़ी का ट्रीटमेंट हो सकेगा।
थल-सातशिलिंग राजमार्ग पर सितंबर में भारी बारिश और रामगंगा नदी के कटान से नागीमल मंदिर की पहाड़ी दरक गई थी। इससे सड़क का 148 मीटर से अधिक हिस्सा राम गंगा में समा गया था। इससे एक माह से अधिक समय तक यातायात पूरी तरह से ठप रहा था।
इस दौरान डीडीहाट-कनालीछीना होते हुए वाहनों का संचालन करना पड़ा था। लोक निर्माण विभाग पिथौरागढ़ ने काफी मशक्कत के बाद पहाड़ी काटकर कच्ची सड़क का निर्माण कर आवागमन शुरू कराया।
लोनिवि के प्रांतीय खंड अधिशासी अभियंता विवेक कुमार सक्सेना ने टीएचडीसी ऋषिकेश को पत्र भेज कर क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण के लिए सर्वे कर उसकी डीपीआर बनाने का अनुरोध किया था।
टीएचडीसी की सर्वेयर टीम ने यहां पहुंच लगातार दो दिन तक प्रभावित सड़क और दरक रही पहाड़ी का निरीक्षण किया। टीम ने बताया कि सर्वे के साथ इसकी डीपीआर शीघ्र लोनिवि को सौंपी जाएगी। टीम में सर्वेयर राहुल भंख्वाल, विजेंद्र सिंह चौहान समेत लोनिवि के अधिकारी मौजूद रहे।