पिथौरागढ़ और बागेश्वर को जोड़ने के लिए सप्तेश्वर में सरयू नदी पर बना बदहाल झूलापुल। संवाद
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में खतरा बने बदहाल पुलों और नदियों पर लगीं गरारी को ठीक करने के बैठकों में दिए गए निर्देश धरातल पर बेअसर हैं।
पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले को जोड़ने वाला सप्तेश्वर में सरयू नदी पर बना बदहाल पुल इसका प्रमाण है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाई गई जाली के नट गायब होने से यह झूल रही है। इन्हें तार से बांधकर जिम्मेदारी निभाई है। ऐसे में दोनों जिलों के लोगों के साथ ही दोपहिया वाहन चालक इस पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। इससे खतरा है।
पिथौरागढ़ और बागेश्वर को जोड़ने के लिए सप्तेश्वर में वर्ष 1977 में सरयू नदी पर झूलापुल बनाया गया। इस पुल से बागेश्वर के साथ ही पिथौरागढ़ जिले के गणाई गंगोली, बनकोट, नागर, सिरसोली, भट्टीगांव सहित आसपास के सैकड़ों लोग आवाजाही करते हैं। गणाई गंगोली तहसील के गांवों की जिला मुख्यालय से दूरी 140 किलोमीटर से अधिक होने पर यहां के ग्रामीण 15 से 20 किलोमीटर दूर बागेश्वर बाजार पर निर्भर हैं। सप्तेश्वर महादेव के दर्शन के लिए भी हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु इसी पुल से आवाजाही करते हैं। वर्तमान में यह पुल अनदेखी का शिकार हुआ है।
पुल के दोनों किनारे सुरक्षा के लिए लगीं जालियां जंक खाकर कमजोर हो गईं हैं और नट गायब होने से झूल रही हैं। कई जगह खुली जालियों से नीचे उफान पर बह रही सरयू नदी सीधे नजर आ रही है। विभाग ने जालियों को तार से बांधकर औपचारिकता निभाई है। ऐसे में लोग पुल पर खतरे के बीच आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। लंबे समय से पुल का सुधारीकरण न होने से क्षेत्र के लोगों में गुस्सा है।