लिपुलेख दर्रे के पास जमा भारी बर्फ सीमांत के व्यापारियों के लिए बड़ा रोड़ा बन रही है। बर्फ के कारण दर्रे से सामान समेत घोड़ों को पार करा पाना संभव नहीं हो पा रहा है। इस कारण भारत-तिब्बत व्यापार की प्रक्रिया शुरू हुए एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी व्यापारी अपना सामान तिब्बत की मंडी तकलाकोट नहीं पहुंचा पाए हैं। अब तक सिर्फ नौ व्यापारी और सात हेल्पर तिब्बत की मंडी पहुंचे हैं, लेकिन यह लोग भी कोई सामान नहीं ले जा पाए।
प्रशासन ने इस बार ट्रेड परमिट जारी करने की प्रक्रिया एक जून से शुरू कर दी थी। अब तक 200 व्यापारियों को ट्रेड पास जारी हो चुके हैं, लेकिन लिपुलेख दर्रे से घोड़ों को पार ले जा पाना संभव नहीं है। व्यापारियों ने सामान गुंजी मंडी तक पहुंचा रखा है। वह इसी इंतजार में हैं कि लिपुलेख दर्रे में रास्ता ठीक होता है तो तिब्बत की ओर निकलें।
भारत तिब्बत व्यापार समिति के दिनेश गुंज्याल और दौलत सिंह रायपा ने एसडीएम एके पांडे से मुलाकात कर लिपुलेख दर्रे से बर्फ हटाकर घोड़ों के चलने लायक रास्ता बनाने की मांग की। एसडीएम का कहना है कि भारतीय क्षेत्र में लिपुलेख दर्रे के पास तक बर्फ हटाने के निर्देश लोनिवि को दिए गए हैं, लेकिन तिब्बती क्षेत्र में करीब चार किलोमीटर रास्ता बर्फ से ढंका है। उसे हटाने का काम चीन को ही करना है।