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Uttarakhand News: कनार के बीमार के लिए फिर डोली बनी सहारा, 15 किलोमीटर दूर पहुंचाने के बाद वाहन हुआ नसीब

Thu, 28 Aug 2025 03:06 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़

सार

बंगापानी तहसील के दूरस्थ गांव कनार में बीमार बुजुर्ग को बदहाल रास्ते पर डोली के सहारे 15 किलोमीटर दूर बरम पहुंचाया गया। तब जाकर उसे जिला अस्पताल पहुंचने के लिए वाहन नसीब हुआ।
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कनार के बीमार को डंडों से बनी डोली के सहारे बरम तक पहुंचाते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिथौरागढ़ जिले के बंगापानी तहसील के दूरस्थ गांव कनार के बीमारों और गर्भवतियों के लिए डोली के सहारे अस्पताल पहुंचना नियति बन गया है। आए दिन ग्रामीण इन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए कंधों पर ढो रहे हैं। फिर से एक बीमार बुजुर्ग को बदहाल रास्ते पर डोली के सहारे 15 किलोमीटर दूर बरम पहुंचाया गया। तब जाकर उसे जिला अस्पताल पहुंचने के लिए वाहन नसीब हुआ।

जानकारी के मुताबिक, कनार के तोक तेजम निवासी लाल सिंह का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया। तेज बुखार से जूझ रहे बुजुर्ग के लिए सांस ले पाना भी कठिन हो रहा था। ऐसे में उसके लिए 15 किलोमीटर दूर बरम पहुंचना असंभव था। परिजनों ने ग्रामीणों से मदद की गुहार लगाई। हर बार की तरह इस बार भी ग्रामीणों ने डंडों पर चादर बांधकर डोली बनाई और उसे इस पर बैठाकर रवाना हुए। बदहाल रास्ते पर जोखिम भरा सफर तय कर बमुश्किल बीमार को बरम पहुंचाया गया। यहां से उसे परिजन जिला अस्पताल के लिए वाहन से लेकर रवाना हुए। आए दिन बीमार, गर्भवतियां और ग्रामीण इसी दिक्कत से जूझते हुए सड़क की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी परेशानी कुछ हद तक कम हो सके। सबकुछ जानकर भी सिस्टम अन्जान बना है। बीमार को मुख्य सड़क तक पहुंचाने वाले जगत सिंह परिहार ने कहा कि कब तक हम इस तरह बीमारों का इलाज कराते रहेंगे और हमारी यह परेशानी कब दूर होगी, शासन-प्रशासन को इसका जवाब देना चाहिए। 

हेलीपैड तक पहुंचना भी कठिन

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ग्रामीण जगत सिंह परिहार ने कहा कि कनार के तोक तेजम से हेलीपैड तक पहुंचने के लिए खड़ी चढ़ानी पड़ती है। ऐसे में बीमार को हेलीपैड तक पहुंचना कठिन था जबकि ढलान में बरम तक पहुंचना सरल। ऐसे में हेलिकॉप्टर की मांग नहीं की गई और बीमार को डोली के सहारे बरम तक पहुंचाया गया। कहा कि गांव तक सड़क पहुंचने का सपना लगभग टूट गया है। यदि गांव के दुर्गम तोकों में भी छोटे हेलीपैड बन जाते तो बीमारों और गर्भवतियों को समय रहते अस्पताल पहुंचाने में आसानी होती।

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