सर्व शिक्षा अभियान, जिला प्लान, सांसद निधि, विधायक निधि समेत तमाम मदों के बावजूद रसैपाटा के पास स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल बाटला के भवन की मरम्मत के लिए धन नहीं मिल पा रहा है। स्कूल भवन इतना जर्जर हो गया है कि कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। लगातार मांग के बावजूद भवन की मरम्मत नहीं की जा रही है।
कनालीछीना विकासखंड के प्राथमिक पाठशाला बाटला का भवन जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। स्कूल भवन में पत्थरों के काले स्लेट की छत पड़ी हुई है। स्लेटें जगह-जगह से उखड़ गईं हैं। भवन के बरामदे की छत पूरी तरह उखड़ गई है। थोड़ी सी बारिश में भी छत टपकती है। अधिक बारिश होने पर स्कूल में छुट्टी करनी पड़ती है। भवन जर्जर होने से हर समय खतरा बना रहता है।
ग्राम प्रधान गोदावरी देवी, सामाजिक कार्यकर्ता हेमराज बजरंगी का कहना है कि स्कूल में 30 विद्यार्थी पढ़ते हैं। स्कूल के एक कमरे में आंगनबाड़ी केंद्र चलता है। क्षतिग्रस्त स्कूल भवन से हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बताया कि कई बार स्कूल भवन की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा चुका है लेकिन स्कूल भवन की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। कहा है कि एक बार विभागीय अधिकारियों के सामने स्कूल भवन की मरम्मत का मामला और रखा जा रहा है, फिर भी स्कूल भवन की मरम्मत नहीं होती है तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।