पीपीपी मोड में संचालित राजकीय अस्पताल में पैरा मेडिकल स्टाफ ने अपनी मांगों के समर्थन में सोमवार से कार्य बहिष्कार कर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर धरना दिया। डाक्टरों ने भी उनके समर्थन में कोई काम नहीं किया, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है।
त्रिलोक सिंह, दिनेश ओली, राहुल कुमार, दीपक जोशी आदि के नेतृत्व में कर्मचारियों ने प्रबंधन पर कर्मचारियों का शोषण करने, प्रत्येक माह उनके मानदेय में कटौती करने, राष्ट्रीय अवकाशों में कार्य लेने पर उन्हें ओवरटाइम न देने, एक साल से वेतन वृद्धि के मामले लटकाने, न्यायोचित मांगों के लिए प्रबंधन से कहे जाने पर समस्या का समाधान करने के बजाय नौकरी से हटा देने की धमकी देने, तीन कर्मचारियों का दो माह से वेतन न देने आदि कई आरोप लगाए। धरना स्थल में केदार माहरा, कुलदीप भट्ट, महेश जोशी, जगदीश सिंह, मंजरी करायत, मीनाक्षी, कविता, रेनू, ललिता आदि कर्मचारी मौजूद थे। हड़ताल की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थानाध्यक्ष मनोज रतूड़ी ने हड़ताली कर्मचारियों से विभाग की ओर से रोगियों के किए जा रहे उपचार में किसी भी प्रकार का दखल न देने को कहा।
सीएमएस ने अलग शिविर लगाकर देखे मरीज
लोहाघाट (चंपावत)। अस्पताल में रोगियों की फजीहत को देखते हुए सीएमएस डा. आरके गुप्ता ने विभागीय कर्मचारियों के सहयोग से परिसर में ही अलग से शिविर लगाकर रोगियों को देखा। अपराह्न तक लगभग 150 रोगी देखे गए। दवाओं की व्यवस्था अस्पताल से ही की गई। इस कार्य में सहयोग के लिए चंपावत से डा. फरीदुज्जफर भी यहां आए। फार्मेसिस्ट मनोज मनु, रोशन विश्वकर्मा, एलडी जोशी, हेम बहुगुणा, बहादुर फिरमाल, विनोद उप्रेती ने सहयोग किया।
अस्पताल प्रबंधक 10 दिन से गायब
लोहाघाट (चंपावत)। पीपीपी मोड के प्रबंधक अर्पित जायसवाल के पिछले 10 दिन से गायब रहने के कारण अस्पताल में अराजकता का वातावरण बना हुआ है। यहां मात्र पांच डाक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जिसमें तीन ईएमओ हैं।