नाचनी (पिथौरागढ़)। खेतभराड़ बांसबगड़ में रामलीला देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है। मंचन के पांचवें दिन प्रभु श्रीराम के वनवास जाने के प्रसंग का मंचन किया गया।
निषाद राज केवट नदी पार कराने से पूर्व प्रभु के चरण पकड़ते हैं। उधर अयोध्या में पुत्र वियोग में राजा दशरथ प्राण त्याग देते हैं। पिता के देहावसान की सूचना पाकर राम-लक्ष्मण भावुक हो जाते हैं। भरत वन में श्रीराम के पास पहुंचकर उनसे अयोध्या लौटने का आग्रह करते हैं। राम अपनी खड़ाऊ देकर भरत को विदा करते हैं।
राम-लक्ष्मण और सीता पंचवटी के लिए प्रस्थान करते हैं। रामलीला के भावुक कर देने वाले दृश्यों को दर्शकों ने खूब सराहा। वहां मुख्य अतिथि प्रशासनिक प्रधान सहायक महेश चंद्र जोशी, विशिष्ट अतिथि पूर्व सैनिक पान सिंह राणा, त्रिलोक सिंह बिष्ट, प्रधान डूंगरी पुष्पा देवी, भूपेश जोशी रहे। संवाद