अगले साल फिर मिलने के वायदे के साथ सातूं-आठूं महोत्सव संपन्न हो गया है। समापन पर ईजा बाबा हो तुम बची रया, आमा बुबू हो तुम बची रया विदाई गीत गाया गया। समापन पर गौरा-महेश्वर की प्रतिमाओं को पितरौटा के कालसिन मंदिर में स्थापित किया गया।
समापन पर महिलाओं के लिए न्योली प्रतियोगिता, पुरुषों के लिए छपेली और बाल वर्ग के लिए ऐंण (पहेली) प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। विजेताओं को बिष्ट कंस्ट्रक्शन चंद्रभागा ऐंचोली के गौरव बिष्ट, मां भगवती मोटर ड्राईविंग स्कूल चंद्रभागा एंचोली के दलीप वल्दिया की ओर से विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। समापन पर व्यापार मंडल अध्यक्ष शमशेर महर ने सिलगड़ी का पाला चाला बजुरा को झोक्को गीत सुनाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
संचालन कैप्टन दीवान सिंह वल्दिया, जनार्दन उप्रेती, राजेंद्र प्रसाद ने किया।
रामलीला प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र माहरा, संरक्षक जगदीश पुनेड़ा ने महोत्सव संपन्न कराने में सहयोग देने के लिए सभी का आभार जताया। महोत्सव को सफल बनाने में हेमराज बिष्ट, गोविंद सिंह बिष्ट, शिवराज सिंह अधिकारी, दीपक गुप्ता, विक्रांत पुनेड़ा, राजेंद्र जोशी, उमेश जोशी, उमेश लाल साह (मिक्की), दीपक नगरकोटी, देवकीनंदन भट्ट, नवीन भट्ट, राकेश साह, पंकज जुकरिया, लीलावती वर्मा, मुन्नी टम्टा, माधवी देवी, रेखा जोशी, रेखा वर्मा, जानकी रावत, गिरीश पाठक का विशेष सहयोग रहा।