पिथौरागढ़ के जाजरदेवल में स्थापना दिवस पर हुई रस्साकसी प्रतियोगिता। संवाद
पिथौरागढ़। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की 14वीं वाहिनी का स्थापना दिवस उत्साह से मनाया गया। वाहिनी के सेनानी राम भरत सिंह कुशवाहा ने कहा कि देश सेवा में सुरक्षा बल का बलिदान और समर्पण सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने शहीद और सेवानिवृत कार्मिकों के परिजनों के साथ हमेशा बने रहने का भरोसा दिया।
शुक्रवार को सेनानी राम भरत सिंह कुशवाहा ने 64वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि बल के जवान न केवल सीमाओं की रक्षा में बल्कि प्राकृतिक आपदाओं, नागरिक सहायता, आपदा प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियानों में भी अपनी दक्षता और निष्ठा से देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। इस दौरान उन्हाेंने सेवानिवृत कर्मियों और शहीदों के योगदान को याद किया। स्थापना दिवस पर परेड का आयोजन किया गया।
इस दौरान कैंप परिसर में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। रस्साकसी, जलेबी रेस, नींबू चम्मच रेस, म्यूजिकल चेयर रेस में जवानों और उनके परिजनों ने उत्साह के साथ भाग लिया। विजेताओं को पुरस्कार भी दिए गए। इस अवसर पर सहायक सेनानी आनंद दीक्षित, राजेंद्र प्रसाद, डॉ. हेमंत मित्तल, डॉ. केशव कुमार सहित अन्य अधिकारी और जवान शामिल रहे। संवाद