नैनीपातल-मड़मानले सड़क पर गिरी चट्टानें। स्रोत: ग्रामीण
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-नैनीपातल-मड़मानले मोटर मार्ग पर बृहस्पतिवार तड़के करीब चार बजे मड़ के पास चट्टान दरक गई। लगभग 20 मीटर हिस्से तक सड़क पर बोल्डर गिरने से वाहनों का संचालन ठप हो गया। सड़क बंद होने के कारण बुजुर्ग महिला को जिला अस्पताल ला रही 108 एंबुलेंस भी मार्ग में ही फंस गई। इसके बाद एंबुलेंस मड़मानले से कनालीछीना होते हुए जिला मुख्यालय पहुंची। इसके चलते लगभग 40 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ा। अगर सड़क खुली रहती तो मरीज 15 किमी के सफर में ही अस्पताल पहुंच जाती।
इससे पहले सुबह के समय जिला मुख्यालय से विद्यालय जा रहे शिक्षकों और बच्चों का भी स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया। लछैर से जीआईसी मड़मानले जाने वाले बच्चों को सात किमी पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ा। मार्ग बंद होने से अपने वाहनों से आ रहे कई लोग मड़मानले-कनालीछीना होते हुए मुख्यालय पहुंचे।
सूचना मिलने पर लोक निर्माण विभाग ने मशीन भेजकर सड़क खोलने का काम शुरू किया। भारी भरकम चट्टानें पड़ी होने से अपराह्न चार बजे सड़क को छोटे वाहनों के लिए सुचारु किया जा सका। मलबा साफ करने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। स्थानीय किशोर धामी ने बताया कि जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ है वहां पर पहाड़ी के अभी भी दरकने का खतरा बना हुआ है।
47 घंटे बाद खुला थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग
मुनस्यारी। थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग ला झेकला में बृहस्पतिवार शाम करीब 4:15 बजे आवाजाही के लिए सुचारु हो गया है। लगभग 47 घंटे बाद सड़क खुलने पर स्थानीय लोगाें ने राहत की सांस ली है। मुनस्यारी-जौलजीबी मोटर मार्ग पर कैंठी बैंड के पास सड़क धंसने के कारण वाहनों को खींच कर निकालना पड़ रहा है। धापा-मिलम मोटर मार्ग आए दिन बंद होने के चलते आवागमन में दिक्कत हो रही है। मुनस्यारी से धापा जाने वाली सड़क सेनरगाड़ पुल के पास मलबा आने से बारिश में बंद हो जाती है। गांव के सरपंच दिनेश धपवाल का कहना है कि बीआरओ मलबा तो हटा रहा है लेकिन जगह-जगह गड्ढे हो जाने के चलते छोटे वाहनों के संचालन में मुश्किलें आ रही हैं। उन्होंने बीआरओ से ठीक से सफाई कराने का अनुरोध किया है। संवाद