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दस साल में भी नहीं बनी सड़क

Wed, 22 Jun 2016 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बेड़ीनाग
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दस साल में भी नहीं बनी सड़क - फोटो : अमर उजाला
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विकासखंड के गराऊं के लिए सड़क का निर्माण दस साल बाद भी पूरा नहीं हुआ है। मंडी परिषद ने दस वर्ष पहले सड़क का निर्माण शुरू किया था। उस समय गांव के लोगों में काफी उत्सुकता थी कि गांव तक सड़क आने से विकास होगा और लोग गाड़ियों से अपने गांव आ-जा सकेंगे। तब तत्कालीन पंचायतीराज मंत्री विशन सिंह चुफाल ने इस सड़क के काम का उद्घाटन भी किया।
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पहली बार मंडी परिषद ने इस सड़क को तीन किमी तक बनाया, लेकिन सड़क गांव तक न पहुंचने के कारण लोगों की मांग को देखते हुए फिर इसका तीन किलोमीटर और विस्तारीकरण का फैसला लिया, लेकिन मंडी परिषद की यह सड़क अब तक पूरी नहीं बन पाई है। सड़क वर्तमान में एक नाले का रूप धारण कर गांव के खेतों को बर्बाद कर रही है। लोगों को आवागमन की सुविधा अब तक नहीं मिल पाई है।

सड़क से फायदा नहीं नुकसान ज्यादा 
गराऊं निवासी कमलेश पंत का कहना है कि मंडी परिषद ने कुछ हिस्से में कटिंग कर सड़क निर्माण की इतिश्री कर ली। सड़क से फायदा नहीं, बल्कि नुकसान ज्यादा हो रहा है। कई बार सड़क को पूरा करने की मांग को लेकर मंडी परिषद से लेकर स्थानीय विधायक तक से आग्रह किया गया, लेकिन किसी भी स्तर पर कोई भरोसा नहीं मिला।
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सड़क न होने से बढ़ रहा पलायन
गराऊं निवासी दीपक मनराल का कहना है कि सड़क न होने से लोगों को स्वास्थ्य और शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है। इसी कारण गांव से पलायन भी बढ़ रहा है। सड़क होती तो लोगों को सुविधा मिलती और गांव में ही आजीविका के साधन जुटा लेते। आश्चर्य की बात है कि किसी भी स्तर पर सड़क के बारे में कोई जानकारी नहीं ली जाती।

इस तरह की योजना की क्या जरूरत
गराऊं गांव के विद्यासागर पंत का कहना है कि मंडी परिषद ने सड़क की कटिंग तो कर दी, लेकिन उसमें वाहनों का संचालन होने लायक काम नहीं किया। ऐसे विकास की जरूरत ही क्या है जो लोगों के लिए असुविधा का कारण बने। वह कहते हैं कि सड़क में हुए धन के खर्च की जांच होनी चाहिए और सड़क का काम पूरा होना चाहिए।
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