पय्यांपौड़ी में शुक्रवार को लगे बहुउद्देशीय शिविर में कहा गया कि मृग विहार की परिधि से जिन 111 गांवों को हटाया गया है वहां पर विकास कार्य तेजी से किए जाएंगे। वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी की पहल पर लगाए गए शिविर में कहा गया कि दूरस्थ क्षेत्र की जनता की समस्या को निपटाने के लिए ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। लोगों को प्रमाण पत्र बनाने के लिए तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं।
श्री धामी ने कहा कि विकासखंड के हर गांव को सड़क से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मनरेगा के तहत कार्ययोजना तैयार करने और लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने को कहा। डीएम एचसी सेमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता के लिए जिन लोगों ने आवेदन किया है उनकी जांच की जाए ताकि पात्र लोगों को सहायता मिल सके।
ग्राम प्रधान वंशी राम ने पय्यांपौड़ी तक सड़क ठीक करने, रसोईगैस उपलब्ध कराने, बिजली बिल गांव में ही जमा कराने, जीआईसी के भवन की मरम्मत करने की मांग की। शिविर में पेयजल समस्या के निदान के लिए भी निर्देश दिए गए। इस मौके पर पांच सौ लोगों के आवेदन प्राप्त हुए। स्वास्थ्य विभाग ने 425 लोगों का इलाज किया। 13 लोगों को विकलांग प्रमाणपत्र, 6 को आय, 112 को जाति, 8 को स्थायी निवास, 6 को चरित्र प्रमाणपत्र दिए गए। 65 लोगों को परिवार रजिस्टर की नकल दी गई। 245 पशुपालकों को दवा दी गई। इस मौके पर जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष कैलाश रावत, ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर, नरेंद्र रावत, सीडीओ विनोद गोस्वामी, एसडीएम संतोष पांडे, परियोजना अधिकारी डीआरडीए नरेश कुमार समेत कई लोग उपस्थित थे।